लाहौल में तीन जगह बादल फटे, लेह-लद्दाख जा रहे 300 ट्रक फंसे, मौसम फिर बिगड़ने के आसार

हिमाचल प्रदेश में शनिवार और रविवार को कई क्षेत्रों में बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है।

Aug 2, 2025 - 09:16
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लाहौल में तीन जगह बादल फटे, लेह-लद्दाख जा रहे 300 ट्रक फंसे, मौसम फिर बिगड़ने के आसार

शिमला/धर्मशाला (आरएनआई) जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में शुक्रवार को एक साथ तीन जगह बादल फटने से बाढ़ आ गई। उदयपुर उपमंडल के तिंदी के समीप जंगल कैंप, यांगला और जिस्पा क्षेत्र में बादल फटने से अफरातफरी मच गई। जिस्पा के मरशेन नाला में बादल फटने से सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मनाली-लेह मार्ग घंटों बंद रहा। कई पर्यटकों ने जिस्पा और दारचा के पास अस्थायी कैंपों में शरण ली है। अटल टनल रोहतांग के धुंधी के पास भी भूस्खलन से मार्ग बड़े वाहनों के लिए बंद रहा। यहां पर तीन दिन से करीब 300 से अधिक ट्रक फंसे हैं, जो सामान लेकर लेह-लद्दाख की तरफ जा रहे हैं।

एक वाहन में सवार लोग समय रहते बाहर निकलकर सुरक्षित बच गए। यह वाहन जम्मू-कश्मीर बीएसएनएल का था, जो इलाके में नेटवर्क संबंधी कार्यों के लिए आया था।शुक्रवार को रोहतांग दर्रा समेत लाहौल घाटी की ऊंची चोटियों पर बर्फ के फाहे गिरे। राजधानी शिमला में दिनभर बारिश का दौर जारी रहा। प्रदेश के अधिकतम तापमान में सामान्य से चार डिग्री की कमी दर्ज हुई। प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में बारिश हुई, कई जगह बादल छाए रहे। कुल्लू और लाहौल जिले में वीरवार रात से शुक्रवार को दिनभर मूसलाधार बारिश हुई। ब्यास के साथ अन्य नदी नालों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।

शुक्रवार शाम तक मंडी-कुल्लू, भरमौर-पठानकोट एनएच सहित 283 सड़कें, 314 बिजली ट्रांसफार्मर, 221 पेयजल योजनाएं प्रभावित रहीं। चंबा में पहाड़ी से पत्थर गिरने से एंबुलेंस कर्मी और छात्रा घायल हो गई। बारिश के कारण गगल और शिमला से हवाई उड़ानें नहीं हुईं। कांगड़ा के शाहपुर में एक मकान ढह गया। गोशाला गिरने से एक गाय और 12 बकरियों की मौत हो गई। ऊहल नदी उफान पर होने के कारण बस्सी और शानन परियोजना में बिजली उत्पादन भी ठप हो गया। भूस्खलन से रामपुर-रोहड़ू मार्ग बंद रहा। पागल नाले में मलबा आने से एनएच पांच सवा घंटा बाधित रहा।

चंबा में भी मूसलाधार बारिश ने कहर बरपाया। चंबा-तीसा मार्ग पर राठघार में पत्थर गिरने से एंबुलेंस कर्मी अखिलेश चोटिल हो गया। वहीं रठियार पंचायत के रखेला गांव से चंबा आ रही सिमरन पुत्री बालको सिर पर पहाड़ी से पत्थर गिरने से चोटिल हो गई। भरमौर-पठानकोट हाईवे पर केरू पहाड़ी, लूणा समेत जगह-जगह पत्थर गिरने से हाईवे बार-बार बंद होता रहा। भारी बारिश के कारण चुवाड़ी-लाहडू सड़क धंसने से भटियात का संपर्क कांगड़ा से पूरी तरह से कट गया है। मूसलाधार बारिश से भूलहण गांव पर मौत का साया मंडराने लगा है। नेहरा पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने से 50 परिवार खतरे में रहने को मजबूर हैं। हमीरपुर में शुक्रवार को दिनभर बारिश जारी रही। कांगड़ा में भी भारी बारिश का दौर जारी रहा। शाहपुर के सारना पंचायत में भूस्खलन के कारण आठ कमरों का पक्का मकान पूरी तरह से जमींदोज हो गया। जिला मंडी में पंडोह डैम से आगे और बगलामुखी रोपवे से पीछे सड़क का एक बड़ा हिस्सा शुक्रवार सुबह लगभग 8 बजे अचानक धंस गया, जिससे हाईवे पूरी तरह ठप हो गया। शाम 5:00 बजे इसे बहाल किया गया।

एनएच पर नौ मील के पास मलबे के कारण दलदल की स्थिति रही। भारी भूस्खलन के कारण रामपुर-रोहड़ू वाया तकलेच मार्ग पर वाहनों के पहिये थम गए हैं। वीरवार देर रात को रामपुर-रोहड़ू सड़क पर बाहली के समीप ऊपरी पहाड़ी दरक गई। सड़क पर करीब चार से पांच बड़े पेड़ और भारी भरकम चट्टानें आ गिरीं। सतलुज नदी का जलस्तर बढ़ने से रामपुर नित्थर सड़क ढरोपा के पास फिर से जलमग्न हो गई है। बंजार उपमंडल के घलियाड़ गांव के पीछे पहाड़ी से भूस्खलन के कारण गांव को खतरा पैदा हो गया है। प्रशासन ने 10 मकानों को खाली करवा दिया है। परिवारों को सुरक्षित स्थानों में टेंट लगाकर ठहराया गया है। इन घरों में 16 परिवारों के 49 सदस्य रहते हैं। बिलासपुर जिले में वीरवार रात को भारी बारिश हुई। शुक्रवार सुबह करीब सात बजे किरतपुर-मनाली फोरलेन पर समलेटू के पास भारी भूस्खलन से हाईवे पूरी तरह बंद हो गया था। पुराने एनएच से ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया। करीब चार घंटे बाद हाईवे को एक तरफा खोला गया।

हिमाचल प्रदेश में वर्ष 1901 के बाद जुलाई में 73वीं सबसे ज्यादा बारिश दर्ज हुई। इस बार प्रदेश में 250.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। जुलाई में सबसे ज्यादा बारिश साल 1949 में 548.6 मिलीमीटर हुई थी। उधर, राज्य में इस बार जुलाई में सामान्य से 2 फीसदी कम बारिश हुई। जुलाई में 255.9 मिमी बारिश को सामान्य माना गया है, लेकिन वास्तव में 250.3 मिमी बारिश हुई। मंडी जिले में सबसे अधिक 574.7 और लाहौल-स्पीति में सबसे कम 32.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बिलासपुर में सामान्य से 10, हमीरपुर 12, कुल्लू 25, मंडी 49, शिमला 70, सिरमाैर 4 व ऊना में 12 फीसदी अधिक बारिश हुई। जबकि चंबा में सामान्य से 18, कांगड़ा 10, लाहाैल-स्पीति 75 व सोलन में 18 फीसदी कम बारिश हुई।

प्रदेश में शनिवार और रविवार को कई क्षेत्रों में बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है। चार और पांच अगस्त को हल्की बारिश के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून ऋतु के उत्तरार्ध (अगस्त से सितंबर) के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना है।

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