युमनाम खेमचंद होंगे मणिपुर के नए मुख्यमंत्री, भाजपा विधायक दल की बैठक में नाम पर लगी मुहर
नई दिल्ली (आरएनआई)। मणिपुर की राजनीति में लंबे समय से चले आ रहे नेतृत्व संकट पर विराम लग गया है। भाजपा विधायक दल की बैठक में सिंगजामेई विधानसभा सीट से दो बार के विधायक युमनाम खेमचंद सिंह को विधायक दल का नेता चुना गया है। इसके साथ ही एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद खाली पड़े मुख्यमंत्री पद पर युमनाम खेमचंद सिंह के नाम पर सहमति बन गई है और उनके मणिपुर का नया मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है।
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की अवधि 12 फरवरी को समाप्त होने वाली थी, ऐसे में एनडीए के भीतर सरकार गठन को लेकर हलचल तेज हो गई थी। इसी कड़ी में मंगलवार को हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में युमनाम खेमचंद को सर्वसम्मति से नेता चुना गया। इससे पहले मणिपुर में सरकार गठन की रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए भाजपा के विधायक दिल्ली पहुंचे थे। पार्टी ने राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ को राज्य का केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया था, ताकि नेतृत्व चयन की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
गौरतलब है कि मणिपुर में हिंसा भड़कने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद करीब एक वर्ष तक राज्य में मुख्यमंत्री का पद खाली रहा और राष्ट्रपति शासन लागू रहा। मणिपुर में पहली बार 13 फरवरी 2025 को छह महीने के लिए राष्ट्रपति शासन लगाया गया था, जिसे अगस्त 2025 में आगे बढ़ाया गया। यदि अब सरकार का गठन नहीं हो पाता, तो केंद्र सरकार को बजट सत्र के दौरान संसद में राष्ट्रपति शासन बढ़ाने का प्रस्ताव लाना पड़ता।
युमनाम खेमचंद सिंह एक अनुभवी नेता माने जाते हैं। वह सिंगजामेई सीट से दो बार विधायक रह चुके हैं और मणिपुर विधानसभा के स्पीकर का दायित्व भी संभाल चुके हैं। वर्ष 2022 में उन्हें बीरेन सिंह सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। युमनाम खेमचंद सिंह मैतेई समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और उनके नेतृत्व में राज्य में राजनीतिक स्थिरता की उम्मीद जताई जा रही है।
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