पूर्व DGP के बेटे अकील अख्तर की मौत रहस्य में नया मोड़: CBI ने संभाली जांच, डायरी की हैंडराइटिंग और चैट रिकॉर्ड से खुलेगा राज
चंडीगढ़ (आरएनआई) — पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर की संदिग्ध मौत का मामला अब और गहराता जा रहा है। अब इस केस की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपने हाथ में ले ली है और शुरुआती कदम के तौर पर एजेंसी ने अकील की डायरी, मोबाइल फोन, और व्हाट्सएप चैट को फॉरेंसिक जांच के लिए जब्त किया है। माना जा रहा है कि इन्हीं सबूतों से मौत की असली वजह और उससे जुड़े लोगों की भूमिका सामने आएगी।
शनिवार को CBI की स्पेशल क्राइम ब्रांच के दो अधिकारी पंचकूला पहुंचे और स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) से मुलाकात की। सीबीआई ने अकील की डायरी और हैंडराइटिंग सैंपल मांगे हैं। डायरी में कथित तौर पर अकील का लिखा सुसाइड नोट मिला था, जिसकी हैंडराइटिंग की जांच अब सीबीआई अपने स्तर पर करवाएगी।
सीबीआई ने अकील के मोबाइल फोन, व्हाट्सएप चैट, कॉल डिटेल्स और डिजिटल डेटा की भी पूरी रिपोर्ट मांगी है। एजेंसी के आईटी विशेषज्ञ पुराने डेटा को रिकवर करने में जुट गए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मौत से पहले अकील किन लोगों के संपर्क में था।
अगले चरण में सीबीआई की टीम क्राइम स्पॉट का दोबारा निरीक्षण करेगी। इसके तहत अकील के कमरे से लेकर घर के हर हिस्से की बारीकी से जांच की जाएगी। इसके अलावा, जिन डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम किया था, उनके स्टेटमेंट भी दोबारा रिकॉर्ड किए जाएंगे।
सीबीआई के डिप्टी एसपी रिषिराज शर्मा ने इस मामले की जांच के लिए पांच अधिकारियों की विशेष टीम गठित की है। सूत्रों के अनुसार, इस टीम में ऐसे अधिकारी शामिल हैं जिन्हें हत्या, आपराधिक साजिश और फॉरेंसिक साक्ष्य विश्लेषण में विशेषज्ञता हासिल है। जांच अब मलेरकोटला से लेकर पंचकूला और यूपी के सहारनपुर तक के लिंक को खंगालेगी।
गौरतलब है कि 16 अक्तूबर की रात अकील अख्तर अपने एमडीसी सेक्टर-4, पंचकूला स्थित घर में बेसुध पाए गए थे। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव सौंप दिया गया, लेकिन विसरा रिपोर्ट अभी लंबित है, जिससे मौत का कारण अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है।
इस मामले में पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा, उनकी पत्नी पूर्व मंत्री रज़िया सुल्ताना, अकील की पत्नी और बहन के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। यह मामला शमशुद्दीन चौधरी की शिकायत और सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के आधार पर दर्ज हुआ था।
SIT ने अब तक 30 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए और मोबाइल, लैपटॉप, डायरी सहित कई साक्ष्य जब्त किए थे। मामले की गंभीरता देखते हुए हरियाणा सरकार ने जांच सीबीआई को सौंपने की सिफारिश की, जिसे केंद्र ने मंजूरी दे दी।
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