पंजाब आपदा ग्रस्त घोषित: सभी 23 जिलों में बाढ़, स्कूल-कॉलेज बंद
पंजाब के 3 लाख 54 हजार 626 लोग बाढ़ की वजह से प्रभावित हैं। 19,597 लोगों को बाढ़ग्रस्त इलाकों से सुरक्षित निकाला जा चुका है। अभी तक चार लाख एकड़ से ज्यादा फसल बर्बाद हो चुकी है।
चंडीगढ़ (आरएनआई) पंजाब में लगातार बारिश और बाढ़ से हालात खराब होते जा रहे हैं। प्रदेश के सभी 23 जिलों में 1200 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में है। हालात को देखते हुए पंजाब सरकार ने पूरे राज्य को आपदा प्रभावित घोषित किया है।
गुरुवार को आप संयोजक अरविंद केजरीवाल गुरदासपुर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे। उनके साथ मुख्यमंत्री भगवंत मान मौजूद रहेंगे। केजरीवाल बाढ़ से प्रभावित परिवारों से मिलकर नुकसान और चुनौतियों की जानकारी लेंगे और सरकार की ओर से राहत और बचाव कार्यों की प्रगति का जायजा लेंगे। मुख्य सचिव केएपी सिन्हा ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। सभी विभागों को अलर्ट पर रखा गया है। आपदा प्रबंधन अधिनियम 2025 के तहत सभी जिला मजिस्ट्रेटों और विभागों को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पंजाब भर के सभी सरकारी/सहायता प्राप्त/मान्यता प्राप्त और निजी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और पॉलिटेक्निक 7 सितंबर 2025 तक बंद रहेंगे।
आदेशों में कहा गया कि प्रदेश इस समय दशकों की सबसे भीषण बाढ़ का सामना कर रहा है। भारी मानसूनी बारिश और बांधों से छोड़े गए पानी के कारण कई जिलों में व्यापक बाढ़ आ गई है। हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं, और आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
वर्तमान में लगभग 3.75 लाख एकड़ कृषि भूमि खासकर धान के खेत, पानी में डूबे हुए हैं, जिससे फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। इसके अलावा, भारी संख्या में पशुधन के नुकसान की भी खबर है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आजीविका बुरी तरह प्रभावित हुई है।
मुख्य सचिव ने इस संबंध में सभी डीसी को निर्देश जारी किए हैं कि वे जिला मजिस्ट्रेट आवश्यक आदेश जारी कर सकते हैं ताकि किसी भी आपदा की स्थिति से निपटा जा सके। सभी जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तुरंत और पर्याप्त राहत उपाय करें। राज्य के सभी लाइन विभाग अपने आपातकालीन कार्यों को प्राथमिकता पर करें और सप्ताहांत या छुट्टी के बावजूद ड्यूटी पर रहें। पीडब्ल्यूडी, जल संसाधन विभाग और पीएसपीसीएल को सेवाओं को बहाल करने के लिए युद्ध स्तर पर काम करना होगा। टेलीकॉम सेवा प्रदाता मोबाइल और लैंडलाइन सेवाओं की बहाली तुरंत करें। पंचायत और शहरी निकाय आपातकालीन प्रतिक्रिया, राहत और पुनर्वास में पूरी मदद करें। सरकार ने सभी विभागों और एजेंसियों से अपील की है कि वे लोगों की जान और संपत्ति की रक्षा के लिए पूरी तत्परता से कार्य करें।
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