दमघोंटू बनी दिल्ली की हवा: एम्स में AQI 421, एनसीआर तक फैला ‘जहर’
नई दिल्ली (आरएनआई)। राजधानी दिल्ली और एनसीआर एक बार फिर जहरीली हवा की चपेट में हैं। रविवार सुबह भी कई इलाकों में वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई। एम्स के आसपास का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 421 तक पहुंच गया, जिसे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा है। वहीं इंडिया गेट क्षेत्र में एक्यूआई 381 दर्ज हुआ।
दिल्ली के अन्य इलाकों में भी हवा की स्थिति चिंताजनक है। अक्षरधाम के पास एक्यूआई 412, लोधी रोड पर 377 और इंडिया गेट पर 381 रिकॉर्ड किया गया। फिजा में घुले पीएम 2.5 के कण लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन चुके हैं। शनिवार को निर्णय सहायता प्रणाली (DSS) के आंकड़ों के अनुसार, पराली से होने वाला प्रदूषण 30.9% रहा, जबकि रविवार को इसके 31.2% तक बढ़ने की आशंका जताई गई।
वाहनों से होने वाला प्रदूषण 15.3% दर्ज हुआ। कुल मिलाकर शनिवार को दिल्ली का औसत एक्यूआई 361 रहा, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। शुक्रवार की तुलना में इसमें 39 अंकों की वृद्धि हुई। सुबह दिल्ली के आसमान में धुंध और स्मॉग की चादर छाई रही। सफदरजंग एयरपोर्ट पर सुबह 6:30 बजे दृश्यता मात्र 900 मीटर रही, जो आठ बजे तक बढ़कर 1200 मीटर हुई। इस दौरान कई लोग मास्क पहनकर सफर करते दिखे और सांस के मरीजों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी।
एनसीआर में भी हालात खराब
दिल्ली के बाद एनसीआर में सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर नोएडा रहा, जहां एक्यूआई 354 दर्ज किया गया। यह ‘बेहद खराब’ श्रेणी में है। यहां लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ की शिकायतें बढ़ीं। गाजियाबाद में एक्यूआई 339, ग्रेटर नोएडा में 336, गुरुग्राम में 236 और फरीदाबाद में 264 रहा। हालांकि फरीदाबाद की हवा बाकी शहरों के मुकाबले कुछ बेहतर रही, लेकिन अभी भी ‘खराब’ श्रेणी में है।
मंगलवार तक राहत की उम्मीद नहीं
सीपीसीबी के पूर्वानुमान के मुताबिक, मंगलवार तक हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में बनी रहेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल पश्चिमी दिशा से लगभग 16 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं, जिससे प्रदूषण में मामूली गिरावट आई है। अधिकतम मिश्रण गहराई 1500 मीटर और वेंटिलेशन इंडेक्स 9000 मीटर प्रति वर्ग सेकंड दर्ज किया गया।
प्रदूषण के आंकड़े चिंताजनक
शाम चार बजे तक पीएम10 का स्तर 324.3 और पीएम2.5 का स्तर 190.2 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। राजधानी के अधिकांश मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा ‘बेहद खराब’ दर्ज की गई। दीपावली के बाद से अब तक दिल्ली में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP-2) लागू है, लेकिन सुधार के संकेत फिलहाल नहीं दिख रहे हैं।
सीपीसीबी के अनुसार, इस साल अभी तक दिल्ली में ‘गंभीर’ श्रेणी वाला दिन दर्ज नहीं किया गया था। पिछली बार 23 दिसंबर 2024 को एक्यूआई 406 रिकॉर्ड हुआ था। अब इस हफ्ते फिर से उसी स्तर तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
पिछले 14 दिनों का दिल्ली का एक्यूआई (CPCB के अनुसार):
26 अक्तूबर: 321
27 अक्तूबर: 301
28 अक्तूबर: 294
29 अक्तूबर: 279
30 अक्तूबर: 373
31 अक्तूबर: 218
1 नवंबर: 303
2 नवंबर: 366
3 नवंबर: 309
4 नवंबर: 291
5 नवंबर: 202
6 नवंबर: 311
7 नवंबर: 322
8 नवंबर: 361
राजधानी की हवा एक बार फिर दमघोंटू स्तर पर पहुंच चुकी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक ऐसे प्रदूषण में रहना बच्चों, बुजुर्गों और फेफड़ों के मरीजों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
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