मतदान अभिव्यक्ति ही नहीं नागरिकों के विश्वास का प्रतीक: मुर्मू

Sunday, January 25, 2026 - 19:05
Updated: 6 months ago
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मतदान अभिव्यक्ति ही नहीं नागरिकों के विश्वास का प्रतीक: मुर्मू

नई दिल्ली (आरएनआई) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज कहा कि मतदान केवल एक राजनीतिक अभिव्यक्ति नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया में नागरिकों के विश्वास का प्रतीक है।

श्रीमती मुर्मू यहां 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि हमारे लोकतंत्र की ताकत महज़ मतदाताओं की विशाल संख्या में नहीं बल्कि लोकतांत्रिक भावना की गहराई में निहित है। इस प्रक्रिया में यहां तक कि सबसे बुजुर्ग मतदाता, दिव्यांग मतदाता और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोग भी अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं। 

उन्होंने जागरूक मतदाताओं और चुनाव आयोग के नेतृत्व में चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी लोगों की सराहना की, जिन्होंने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किए हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि जनभागीदारी जमीनी स्तर पर लोकतंत्र की भावना को व्यावहारिक रूप देती है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने यह सुनिश्चित करने के मकसद से कई प्रयास किए हैं, ताकि इस अधिकार का प्रयोग करने से कोई भी मतदाता पीछे न छूट सके। 

उन्होंने कहा कि मतदाताओं में जागरूकता बढ़ाने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। चुनाव आयोग द्वारा इस वर्ष चुना गया विषय, "मेरा भारत, मेरा वोट भारतीय लोकतंत्र के केंद्र में भारतीय नागरिक", हमारे लोकतंत्र की भावना को दर्शाता है।

राष्ट्रपति ने कहा कि मतदान केवल एक राजनीतिक अभिव्यक्ति नहीं है। यह चुनावों की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में नागरिकों के विश्वास का प्रतिबिंब है। यह नागरिकों के लिए अपनी आकांक्षाओं को व्यक्त करने का एक माध्यम भी है।

राष्ट्रपति ने कहा कि मतदान का अधिकार अहम है, लेकिन यह भी उतना ही ज़रुरी है,कि सभी वयस्क नागरिक अपने संवैधानिक कर्तव्यों को ध्यान में रखते हुए अपने मताधिकार का प्रयोग करें। एल.एस.

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