नई दिल्ली (आरएनआई) आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा के कार्यालय ने उन मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्ट्स को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें तथाकथित ‘एपस्टीन फाइल्स’ के हवाले से उन्हें अमेरिकी फाइनेंसर और यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जोड़ने की कोशिश की गई थी। दलाई लामा के कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में इन दावों को भ्रामक, तथ्यहीन और पूरी तरह निराधार बताया गया है।
कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि दलाई लामा ने कभी भी जेफरी एपस्टीन से मुलाकात नहीं की है और न ही उन्होंने अपनी ओर से किसी व्यक्ति को एपस्टीन से मिलने या बातचीत करने की अनुमति दी है। बयान में कहा गया कि हालिया मीडिया रिपोर्टें और सोशल मीडिया पोस्ट्स दलाई लामा की छवि को गलत तरीके से नुकसान पहुंचाने का प्रयास हैं और इनका सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है।
दलाई लामा के कार्यालय ने जोर देकर कहा कि वे हमेशा नैतिक मूल्यों, करुणा, अहिंसा और मानवता के सिद्धांतों के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में उन्हें किसी भी तरह के विवादास्पद या आपराधिक मामलों से जोड़ना पूरी तरह गलत और भ्रामक है। कार्यालय ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि इन्हें किसी भी प्रकार की विश्वसनीयता नहीं दी जानी चाहिए।
यह प्रेस स्टेटमेंट 8 फरवरी 2026 को दलाई लामा के मुख्यालय थेकचेन चोएलिंग, मैक्लॉडगंज, धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) से जारी किया गया। बयान में यह भी संकेत दिया गया कि ‘एपस्टीन फाइल्स’ के नाम पर कई चर्चित हस्तियों को बिना किसी ठोस सबूत के सोशल मीडिया पर जोड़ा जा रहा है, जिससे भ्रम और अफवाहों को बढ़ावा मिल रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अपुष्ट दावों से न केवल लोगों में गलत धारणाएं बनती हैं, बल्कि सार्वजनिक जीवन से जुड़ी हस्तियों की छवि को भी नुकसान पहुंचता है। दलाई लामा कार्यालय का यह बयान ऐसे सभी दावों पर स्पष्ट और अंतिम खंडन के रूप में देखा जा रहा है।