इमरान खान की बहनों और समर्थकों पर कार्रवाई, अडियाला जेल के बाहर प्रदर्शन के बाद आतंकवाद विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज
इस्लामाबाद (आरएनआई)। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहनों और उनके समर्थकों द्वारा अडियाला जेल के बाहर किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद मामला और गंभीर हो गया है। पुलिस ने इस प्रदर्शन को लेकर आतंकवाद विरोधी अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है, जबकि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने पूरे घटनाक्रम को लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़ते हुए सरकार और सेना के रुख की कड़ी आलोचना की है।
पीटीआई ने सेना के प्रवक्ता की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इमरान खान राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए कोई खतरा नहीं हैं। पार्टी का कहना है कि लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करने के प्रयास पहले भी असफल रहे हैं और आगे भी सफल नहीं होंगे।
जानकारी के अनुसार, इमरान खान की बहनों अलीमा खान और नोरीन नियाज़ी सहित पीटीआई के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मंगलवार को अडियाला जेल के बाहर एकत्र हुए थे। यह विरोध उस समय हुआ जब प्रशासन ने जेल में बंद इमरान खान से उनके परिजनों और वकीलों की मुलाकात की अनुमति देने से इनकार कर दिया। प्रदर्शन के बाद रावलपिंडी के सदर बेरोनी थाने में दर्ज एफआईआर में राज्य के खिलाफ साजिश, पुलिस पर हमला और धारा 144 के उल्लंघन जैसे आरोप लगाए गए हैं। पुलिस के अनुसार, मौके से 14 लोगों को हिरासत में लिया गया है और अन्य की तलाश जारी है।
गौरतलब है कि अगस्त 2023 से जेल में बंद इमरान खान के खिलाफ अप्रैल 2022 में सत्ता से हटाए जाने के बाद कई मामले दर्ज किए गए हैं। हाल के दिनों में उनसे मुलाकातों पर बिना पूर्व सूचना के रोक लगाए जाने को लेकर भी विवाद बढ़ा है। खान से आखिरी बार 2 दिसंबर को उनकी बहन उजमा खान की मुलाकात हुई थी।
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र के यातना मामलों से जुड़े एक विशेष विशेषज्ञ ने इमरान खान की जेल में स्थिति पर चिंता जताई है। विशेषज्ञ ने कहा है कि उन्हें दिन में लगभग 23 घंटे एकांतवास में रखा जा रहा है और पाकिस्तान सरकार से उनकी स्थिति में सुधार के लिए तत्काल व प्रभावी कदम उठाने की अपील की है।
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