हिमाचल प्रदेश: राज्य में भूस्खलन का कहर, 869 मार्ग अवरुद्ध; मानसून ने ली 366 जानें
प्रदेश में माैसम खुलने के बाद भी दुश्वारियां लगातार जारी हैं। राज्य में जगह-जगह भूस्खलन से तीन नेशनल हाईवे सहित 869 सड़कें बंद हैं।
शिमला (आरएनआई) हिमाचल प्रदेश में माैसम खुलने के बाद भी दुश्वारियां लगातार जारी हैं। राज्य में जगह-जगह भूस्खलन से तीन नेशनल हाईवे सहित 869 सड़कें बंद हैं। इसके अतिरिक्त 1,572 बिजली ट्रांसफार्मर व 389 जल आपूर्ति स्कीमें बाधित हैं। इससे कई ग्रामीण इलाकों में मुश्किलें बढ़ गई हैं। चंबा जिले में 116, कुल्लू 225, मंडी 191, शिमला 154 व कांगड़ा जिले में 42 सड़कें बाधित हैं। ठियोग-हाटकोटी मार्ग पर चेला के पास भूस्खलन हो गया जिससे वाहनों की आवाजाही बाधित रही।
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के कुछ भागों में 13 सितंबर तक बारिश का दाैर जारी रहने का पूर्वानुमान है। 7 व 8 सितंबर को कुछ स्थानों पर बिजली चमकने व तेज हवाएं चलने का येलो अलर्ट भी है। बीती रात को मनाली में 24.2, नयना देवी 16.8, धौलाकुआं 16.5, नाहन 13.1, रामपुर बुशहर 12.0, कुफरी 11.6, कोठी 10.4 व भरमौर में 10.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। शिमला में आज हल्की धूप खिलने के साथ बादल छाए हुए हैं।
प्रदेश में बादल फटने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। भारी बारिश, बाढ़ एवं भूस्खलन से हर साल तबाही हो रही है। पहाड़ों पर पिछले 30 वर्षों में अत्याधिक बारिश की घटनाओं में 200 फीसदी तक बढ़ोतरी हो गई है। इस मानसून सीजन के दौरान अभी तक कुल 4,07,906.90 लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हो चुका है। इस मानसून सीजन में 20 जून से 6 सितंबर तक 366 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 426 लोग घायल हुए हैं। 41 लोग अभी भी लापता हैं। इस दौरान 163 लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई है। प्रदेश में इस अवधि में बादल फटने की 50, बाढ़ की 95 और भूस्खलन की 133 घटनाएं हुई हैं। राज्य में 6,480 कच्चे-पक्के मकानों व दुकानों को क्षति हुई है। 5,113 गोशालाओं को भी नुकसान हुआ है। 1,984 पालतु पशुओं की भी माैत हुई है।
किन्नौर में निगुलसरी के पास भूस्खलन से सात दिनों से बंद राष्ट्रीय उच्च मार्ग-5 को रविवार 11:30 बजे बहाल कर दिया गया है। एनएच बहाल होने से दोनों ओर कई दिनों से फंसे वाहन चालकों ने राहत की सांस ली। प्रशासन, सेना और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण पूरी तरह जुटे हुए थे। उपायुक्त किन्नौर अमित शर्मा, एसडीएम भाबानगर समेत अन्य अधिकारी लगातार मौके पर डटे रहे और सड़क बहाली कार्य में सक्रिय सहयोग देते रहे।प्रशासन सेना के सहयोग से इसमें कामयाब हो गया है। सड़क के दोनों ओर करीब 500 वाहन फंसे हुए थे, जिनमें से अधिकांश ट्रक नकदी फसल सेब व मटर से लदे हुए थे। इस मौके पर रविवार को राजस्व , बागवानी एंव जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने भी निगुलसरी ब्लॉक पाइंट का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सभी एनएच प्राधिकरण और अन्य विभागों के अधिकारियों को सड़क बहाल करने में सहयोग देने पर शाबाशी दी। इस मौके पर एसडीएम भावानगर , जिला परिषद सदस्य हितेश नेगी, जनजातीय सलाहकार परिषद के सदस्य डाॅ. सूर्या बोरस सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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