सूडान में दो साल बाद युद्धविराम की उम्मीद — RSF और SAF युद्धविराम पर सहमत, अमेरिका और अरब देशों की मध्यस्थता से बढ़ी आशा

Nov 7, 2025 - 12:50
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सूडान में दो साल बाद युद्धविराम की उम्मीद — RSF और SAF युद्धविराम पर सहमत, अमेरिका और अरब देशों की मध्यस्थता से बढ़ी आशा

खार्तूम (आरएनआई) दो साल से भी अधिक समय से गृहयुद्ध की आग में झुलस रहे सूडान में अब शांति की उम्मीद जग उठी है। अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्स (RSF) ने अमेरिका के प्रस्ताव पर सूडानी सेना (SAF) के साथ युद्धविराम के लिए सहमति जताई है। इस समझौते के पीछे अमेरिका, सऊदी अरब, मिस्र और संयुक्त अरब अमीरात की सक्रिय भूमिका मानी जा रही है, जिन्होंने 'क्वाड' समूह के रूप में मध्यस्थता की है।

सूत्रों के मुताबिक, यह युद्धविराम मानवीय आधार पर प्रस्तावित किया गया है ताकि युद्ध से बिगड़ते हालात पर नियंत्रण पाया जा सके और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। हालांकि, सूडानी सेना की ओर से अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

अमेरिका के अरब और अफ्रीकी मामलों के वरिष्ठ सलाहकार मसाद बुलोस ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत आगे बढ़ रही है और उन्होंने सिद्धांत रूप में सहमति दे दी है। उन्होंने कहा, “किसी भी पक्ष ने इस पहल पर आपत्ति नहीं जताई है। अब हम समझौते के बिंदुओं को अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रहे हैं।”

इस बीच, सेना प्रमुख अब्देल फतह अल-बुरहान ने एक बयान में कहा कि उनकी सेना विद्रोहियों के खिलाफ निर्णायक संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा, “हम उन निर्दोष लोगों का बदला जरूर लेंगे जिन्हें विद्रोहियों ने मारा या जिन पर अत्याचार किया।”

हालांकि, यह युद्धविराम ऐसे समय में प्रस्तावित हुआ है जब RSF पर अल-फाशर में जनसंहार के गंभीर आरोप लगे हैं। उत्तरी दारफुर की राजधानी पर कब्जे से पहले आरएसएफ ने करीब 18 महीने तक शहर की घेराबंदी की थी। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, आरएसएफ के कब्जे के बाद 70 हजार से अधिक लोग शहर और आसपास के इलाकों से पलायन कर चुके हैं।

मानवाधिकार संगठनों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया है कि शहर में सामूहिक हत्याएं, दुष्कर्म और अत्याचार हुए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट में बताया गया कि आरएसएफ के कब्जे के दौरान एक बच्चों के अस्पताल में 460 से अधिक मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की मौत हुई।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने सितंबर में जारी अपनी रिपोर्ट में RSF और SAF दोनों को युद्ध अपराधों का जिम्मेदार ठहराया था। रिपोर्ट में कहा गया कि दोनों पक्षों ने नागरिकों पर हमले, हत्याएं और यौन हिंसा जैसे गंभीर अपराध किए हैं। वर्तमान में RSF का नियंत्रण पश्चिमी दारफुर और दक्षिणी सूडान के हिस्सों पर है, जबकि सूडानी सेना उत्तर, पूर्व और लाल सागर के तटीय इलाकों में मजबूत स्थिति में है।

अगर यह युद्धविराम लागू होता है, तो यह सूडान में दो वर्षों से जारी खूनी संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में पहला ठोस कदम साबित हो सकता है, जिससे शांति स्थापना की नई उम्मीदें पैदा हुई हैं।

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