दूसरे महीने में पहुंचा अमेरिकी शटडाउन: सरकारी कर्मचारी कंगाल, भूख से जूझ रहे परिवार; जरूरी सेवाएं ठप

Nov 1, 2025 - 17:33
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दूसरे महीने में पहुंचा अमेरिकी शटडाउन: सरकारी कर्मचारी कंगाल, भूख से जूझ रहे परिवार; जरूरी सेवाएं ठप

वॉशिंगटन (आरएनआई)। अमेरिका में जारी शटडाउन अब राजनीतिक जिद से आगे बढ़कर एक गहरा सामाजिक संकट बन चुका है। सरकारी कामकाज ठप होने के चलते लाखों अमेरिकी नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। सरकारी कर्मचारी वेतन न मिलने के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, परिवार भोजन के लिए संघर्ष कर रहे हैं और आवश्यक सेवाएं धीरे-धीरे ठहरने लगी हैं।

1 अक्तूबर से शुरू हुआ यह सरकारी गतिरोध अब दूसरे महीने में पहुंच गया है। स्वास्थ्य बीमा के फंड को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच खींचतान इसका मुख्य कारण बनी हुई है। यह वही योजना है, जिससे करीब 2 करोड़ अमेरिकी सस्ती दरों पर स्वास्थ्य बीमा का लाभ उठा पाते हैं। विपक्षी डेमोक्रेट्स का कहना है कि जब तक इन सब्सिडियों को बहाल करने पर सहमति नहीं बनती, सरकार को दोबारा नहीं खोला जा सकता। वहीं सत्ता पक्ष रिपब्लिकन पार्टी का रुख है कि वार्ता तभी होगी जब सरकार पहले पुनः शुरू की जाए। इसी टकराव के चलते राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार लगभग ठप हो चुकी है।

इस शटडाउन के कारण हजारों फेडरल कर्मचारी कई सप्ताह से वेतन से वंचित हैं। कई परिवार अब फूड बैंकों पर निर्भर हो गए हैं। रिपब्लिकन नेता टॉम एमर ने स्वीकार किया कि “पिछले महीने सैनिकों को वेतन दिलाने का तरीका निकाल लिया गया था, इसलिए असर देर से दिखा, लेकिन अब हालात गंभीर हो रहे हैं।”

इस संकट का सबसे बड़ा असर अमेरिका के पूरक पोषण सहायता कार्यक्रम (एसएनएपी) पर पड़ा है, जो 4.2 करोड़ गरीब अमेरिकियों को खाद्य सामग्री खरीदने में मदद करता है। फंड लगभग समाप्त होने के कगार पर है और इसका असर अब सीधे लोगों की रसोई तक पहुंच चुका है। रोड आइलैंड की अदालत ने आपातकालीन फंड जारी करने का आदेश दिया है, लेकिन व्हाइट हाउस कानूनी अड़चनों का हवाला देकर फंड जारी करने में हिचकिचा रहा है।

इसी तरह महिलाओं और बच्चों के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रम जैसे ‘डब्ल्यूआईसी’ और ‘हेड स्टार्ट’ भी प्रभावित हो रहे हैं। डब्ल्यूआईसी योजना गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को पोषण देती है, जबकि हेड स्टार्ट कार्यक्रम 65,000 बच्चों को शिक्षा और पोषण सहायता प्रदान करता है। इन दोनों योजनाओं के बंद होने से हजारों परिवार संकट में आ गए हैं।

कठिन परिस्थितियों के बीच सामुदायिक सहयोग की पहल भी शुरू हुई है। मैरीलैंड की एक महिला कैरी चॉसमर ने बताया कि वह दो परिवारों के लिए किराने का सामान खरीद रही हैं। उन्होंने कहा, “किसी समाज की पहचान इस बात से होती है कि वह जरूरतमंदों की कितनी मदद करता है… और फिलहाल हम असफल हो रहे हैं।”

शटडाउन का असर अब हवाई यात्रा पर भी साफ दिख रहा है। एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स की कमी के कारण न्यूयॉर्क के जेएफके, नेवार्क और लागार्डिया एयरपोर्ट पर उड़ानें लगातार देरी से चल रही हैं। जेएफके पर उड़ानों में एक घंटे तक, नेवार्क पर तीन घंटे तक और लागार्डिया पर पांच घंटे तक की देरी की संभावना जताई गई है।

वहीं राष्ट्रपति ट्रंप अभी भी विवाद से दूरी बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा, “हम डेमोक्रेट्स से बात करेंगे, लेकिन पहले उन्हें सरकार खोलनी होगी। गलती उनकी है, समाधान बहुत आसान है।”

अमेरिका का यह राजनीतिक गतिरोध अब सीधे आम नागरिकों के जीवन पर असर डाल रहा है। अगर जल्द कोई समझौता नहीं हुआ, तो यह शटडाउन देश की आर्थिक और सामाजिक व्यवस्था को और गहरे संकट में धकेल सकता है।

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