उत्तर भारत में भीषण गर्मी का प्रकोप, पूर्वोत्तर और दक्षिणी राज्यों में बारिश और तूफान का कहर
देशभर में मौसम का मिजाज अलग-अलग रूप दिखा रहा है। उत्तर-पश्चिम भारत में भीषण गर्मी लगातार बढ़ती जा रही है, जबकि पूर्वोत्तर, पूर्वी और दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम के तेवर और तेज हो सकते हैं।
राजस्थान के जैसलमेर में तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन की सबसे तेज गर्मी में से एक माना जा रहा है। वहीं दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में अगले तीन दिनों के दौरान तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक आसमान साफ रहेगा और तेज धूप निकलने से गर्मी और बढ़ेगी।
हाल के दिनों में हुई बारिश के कारण दिल्ली-एनसीआर में लोगों को थोड़ी राहत मिली थी, लेकिन अब फिर से गर्म हवाएं और चिलचिलाती धूप लौटने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है।
दूसरी ओर, तमिलनाडु, केरल और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ का असर अभी भी उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में बना हुआ है और 10 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों के मौसम को फिर प्रभावित कर सकता है।
बिहार में खराब मौसम ने गंभीर तबाही मचाई है। वज्रपात और तेज आंधी-तूफान की वजह से अलग-अलग जिलों में सात लोगों की मौत हो गई। भोजपुर, पटना, समस्तीपुर और पूर्वी चंपारण में बिजली गिरने से एक-एक व्यक्ति की जान चली गई। वहीं पटना में तेज आंधी के दौरान पेड़ गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि वैशाली में भी एक व्यक्ति की जान चली गई।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इन घटनाओं पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन को प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेज करने के लिए भी कहा गया है।
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