RSS की प्रांत प्रचारक बैठक में गूंजा राम मंदिर दान चोरी का मुद्दा, SIT जांच पर जताया भरोसा
श्रीकांत मिश्रा
बेलगावी- कर्नाटक (आरएनआई)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वार्षिक अखिल भारतीय प्रान्त प्रचारक बैठक में राम मंदिर दान चोरी का मुद्दा छाया रहा। कर्नाटक के बेलगावी में आयोजित तीन दिवसीय इस बैठक में सभी ने श्रीरामजन्मभूमि मंदिर की दानपेटी में हुई अनियमितता की घटना पर दुख व्यक्त किया। बैठक में विश्वास जताया गया कि तीर्थक्षेत्र न्यास के अनुरोध पर चल रही एसआईटी और पुलिस कार्रवाई निर्णायक मोड़ पर पहुंचेगी। तीर्थक्षेत्र न्यास से अपेक्षा की गई कि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो जिससे राम भक्तों की आस्था को ठेस पहुंचे। बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित देशभर के 226 प्रांत प्रचारक उपस्थित रहे।
मार्च 2026 के बाद संपन्न हुए संघ के प्रशिक्षण वर्गों की समीक्षा की गई। इस वर्ष देशभर में 83 संघ शिक्षा वर्ग और 12 कार्यकर्ता विकास वर्ग आयोजित हुए, जिनमें कुल 18,842 स्वयंसेवकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। बैठक में शाखा संचालन, संघ कार्यपद्धति, ग्राम विकास, कुटुम्ब प्रबोधन, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई। सितंबर माह में अधिकतम शाखा विस्तार की योजना पर भी विचार हुआ।
शताब्दी वर्ष और सामाजिक मुद्दों पर फोकस --
बैठक में शताब्दी वर्ष के संपन्न कार्यक्रमों की समीक्षा के साथ शेष कार्यक्रमों की योजना बनी। संपर्क में आए लोगों को सामाजिक कार्यों और पंच परिवर्तन से जोड़ने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। सरसंघचालक की 2026-27 की प्रवास योजना पर भी विचार-विमर्श हुआ।
आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बताया कि बैठक में वर्तमान परिदृश्य के विषयों पर चर्चा हुई। इसमें जनगणना, जनसांख्यिकी असंतुलन की चुनौतियां, ड्रग्स के बढ़ते दुष्प्रभाव और नशा मुक्ति के लिए प्राथमिकता से प्रयास करने पर बल दिया गया। संत शिरोमणि रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के कार्यक्रमों की योजना पर भी चर्चा हुई।
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बैठक के मुख्य निर्णय --
- प्रशिक्षण : 83 संघ शिक्षा वर्ग + 12 कार्यकर्ता विकास वर्ग, 18,842 स्वयंसेवक प्रशिक्षित
- फोकस क्षेत्र : शाखा विस्तार, ग्राम विकास, कुटुम्ब प्रबोधन, आपदा प्रबंधन
- अभियान : सितंबर में अधिकतम शाखा विस्तार योजना
- सामाजिक मुद्दे : नशा मुक्ति अभियान, जनसांख्यिकी संतुलन पर चिंता
- संत रविदास जयंती : 650वें जन्म वर्ष के कार्यक्रमों की रूपरेखा बनी
- शताब्दी वर्ष : पंच परिवर्तन को जन-जन तक पहुंचाने की योजना
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इन मुद्दों पर हुई चर्चा --
1. संगठनात्मक : शाखा विस्तार, प्रशिक्षण वर्गों की समीक्षा, कार्यपद्धति
2. सामाजिक : पंच परिवर्तन, ग्राम विकास, पर्यावरण संरक्षण
3. राष्ट्रीय मुद्दे : जनगणना, जनसांख्यिकी असंतुलन, ड्रग्स के खिलाफ अभियान
4. धार्मिक : संत रविदास जयंती वर्ष, राम मंदिर दानपेटी प्रकरण
5. आगामी योजना : सरसंघचालक का 2026-27 का प्रवास कार्यक्रम
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