हिमाचल में आफत: 586 सड़कें बंद, 806 ट्रांसफार्मर ठप, 18 सितंबर तक बारिश का सिलसिला जारी
शिमला (आरएनआई) हिमाचल प्रदेश के कई भागों में रुक-रुककर बारिश का दाैर लगातार जारी है। राज्य में जगह-जगह भूस्खलन से शुक्रवार सुबह 10:00 बजे तीन नेशनल हाईवे सहित 586 सड़कें बंद रहीं। इसके अतिरिक्त 806 बिजली ट्रांसफार्मर व 364 जल आपूर्ति स्कीमें भी प्रभावित हैं। कुल्लू जिले में 204, मंडी 156, शिमला 57, कांगड़ा 44, चंबा 35 व सिरमाैर में 32 सड़कें बंद हैं। राजधानी शिमला सहित आसपास भागों में आज भी माैसम खराब बना हुआ है।
बीती रात हुई भारी बारिश के चलते गांव पिपली के नजदीक भूस्खलन हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह भूस्खलन अब भी लगातार जारी है, जिसकी वजह से क्षेत्र के कुछ मकानों और गोशालाओं को खतरा बढ़ गया है। पंचायत प्रधान इंदर सिंह ने जानकारी के देते हुए कहा कि एक मकान को प्रशासन और ग्रामीणों की मदद से खाली करवाया जा रहा है, ताकि किसी तरह की जनहानि न हो। लोग दहशत में रातभर जागते रहे और अपने परिवारों व मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कोशिश में लगे रहे। प्रधान ने प्रशासन से तत्काल राहत और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। वहीं मौके पर हालात को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र से दूर रहने की अपील की जा रही है।
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के कई भागों में 18 सितंबर तक बारिश का दाैर जारी रहने का पूर्वानुमान है। कुछ स्थानों में 13 व 14 सितंबर को अंधड़ चलने व भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है।
कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन व सिरमाैर जिले के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट है। वहीं बीती रात को मुरारी देवी में 75.0, मंडी 61.8, सुंदरनगर 52.4, स्लापड़ 46.6, कांगड़ा 43.7, घाघस 40.0, जोगिंद्रनगर 27.0, बग्गी 17.9, कसौली 17.2 व धर्मपुर में 14.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को भरमौर विधानसभा के अंतर्गत आपदा प्रभावित हड़सर क्षेत्र का दौरा किया। इस क्षेत्र में भारी बारिश से बढ़े जलस्तर और भूस्खलन से भारी क्षति हुई है। हड़सर वही स्थान है जहां से पवित्र मणिमहेश यात्रा आरंभ होती है। आपदा के कारण सभी मार्ग बाधित हो गए थे, जिन्हें खोलने का कार्य जारी है। उन्होंने सरकार एवं प्रशासन से आग्रह है कि इस क्षेत्र को शीघ्र राहत प्रदान करे ताकि लोगों को जल्द सामान्य जीवन की ओर लौटने में मदद मिल सके।
प्रदेश में भारी बारिश, बाढ़ एवं भूस्खलन से हर साल तबाही हो रही है। पहाड़ों पर पिछले 30 वर्षों में अत्याधिक बारिश की घटनाओं में 200 फीसदी तक बढ़ोतरी हो गई है। इस मानसून सीजन के दौरान अभी तक कुल 4,31,399.99 लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हो चुका है। इस मानसून सीजन में 20 जून से 11 सितंबर तक 380 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 447 लोग घायल हुए हैं। 40 लोग अभी भी लापता हैं। इस दौरान 165 लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई है। राज्य में 7,403 कच्चे-पक्के मकानों व दुकानों को क्षति हुई है। 5,762 गोशालाओं को भी नुकसान हुआ है। 1,983 पालतु पशुओं की भी माैत हुई है।
राज्य लोकसेवा आयोग ने सहायक जिला अटॉर्नी (प्रशिक्षु आधार पर) की भर्ती के लिए 13 सितंबर को होने वाले स्क्रीनिंग टेस्ट और विषय योग्यता परीक्षा को खराब मौसम के कारण स्थगित कर दिया गया है। आयोग की सचिव ने बताया कि खराब मौसम के बीच उम्मीदवारों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। आयोग ने 28 सितंबर को होने वाली परीक्षा को अस्थायी रूप से पुनर्निर्धारित किया है। उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे संशोधित परीक्षा कार्यक्रम के बारे में आगे की जानकारी और विस्तृत निर्देशों के लिए आधिकारिक वेबसाइट नियमित रूप से देखते रहें।
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