शाहाबाद:आगमपुर का राम सुरेश हत्याकांड, बेटा ही निकला बाप का हत्यारा, साथी सहित गिरफ्तार
शाहाबाद हरदोई। खेत बिक्री के रुपए न मिलने के कारण एक बेटे ने अपने पिता की हत्या कर दी और चोरी का नाटक रच कर कोतवाली में रिपोर्ट भी दर्ज करवाई लेकिन शाहाबाद कोतवाली पुलिस ने बारीकी से जांच पड़ताल कर 27 दिन बाद घटना का खुलासा कर दिया। हत्यारे बेटे उसके साथी और एक बालाचारी को गिरफ्तार किया गया। इस हत्या में नामजद गांव के अन्य बेकसूर ग्रामीण जेल जाने से बच गए। तीन और चार अक्टूबर की मध्य रात्रि करीब 3:00 बजे आगमपुर तिराहा पर होटल रखने वाले राम सुरेश 65 वर्ष खेत में खून से लथपथ पाए गए थे। सुबह उनके बेटे विवेक ने दुकान विवाद के चलते कुरसेली गांव के कुछ लोगों पर आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। राम सुमेर को गंभीर हालत में प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज हरदोई रेफर कर दिया गया। जहां 5 अक्टूबर को इलाज के दौरान राम सुरेश की मौत हो गई। पुलिस ने घटना संदिग्ध होने की वजह से बारीकी से जांच करना प्रारंभ किया और विवेक की हरकतों पर भी नजर रखी। 27 दिन बाद शुक्रवार को पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए विवेक पुत्र राम सुरेश, अमन पुत्र बहोरन एवं एक बाल अपचारिक को गिरफ्तार कर लिया। विवेक ने बताया उसके पिता राम सुरेश ने कुछ खेत बेचा था जिसके पैसे मांगने पर वह गाली-गलौज करते थे और बड़ी बहू को पैसे देना चाहते थे। जिससे विवेक काफी नाराज था। पैसे के लालच में उसने अमन के साथ मिलकर योजना बनाई और तीन - चार अक्टूबर के मध्य रात्रि में लोहे की सरिया और डंडों से पिता को लहूलुहान करके धान के खेत में फेंक दिया और पड़ोस की ही एक दुकान के तालों को सरिया डालकर तोड़ दिया ताकि चोरी की घटना मानी जाए। विवेक स्वयं अपने डाला से अपने पिता को लेकर सीएचसी गया। वहां पहुंचे प्रभारी निरीक्षक आनंद नारायण त्रिपाठी ने पूछताछ की। पूछताछ में प्रभारी निरीक्षक को मामला संदिग्ध लगा। इलाज के दौरान राम सुरेश की मौत होने के बाद पुलिस ने बारीकी से इस घटना पर नजर रखी और विवेक की हर गितिविधि पर नजर बनाए रही। अंततः पुलिस को सफलता मिली। पुलिस ने विवेक कुमार और अमन को जेल भेज दिया, जबकि बाल अपचारी पुलिस की कस्टडी में है। विवेक और उसके साथी के पास से 1 लाख 60, 000 रुपए के नगदी, मृतक का मोबाइल बरामद हुआ।
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