केजरीवाल पर सुखबीर बादल का बड़ा आरोप: 'पंजाब की 65 हजार एकड़ ज़मीन बिल्डरों को सौंपने का 30,000 करोड़ का गुप्त सौदा'
(सुरेश रहेजा, परवीन कुमार, चंद्र मोहन, साहिल रहेजा)
बठिंडा (आरएनआई) शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल ने आज कहा है कि आम आदमी पार्टी के कनवीनर अरविंद केजरीवाल ने देश भर में आप पार्टी के आगामी चुनाव अभियानों के लिए फंड जुटाने के लिए दिल्ली के बिल्डरों के साथ पंजाब की 65 हजार एकड़ जमीन औने-पौने भाव सौंपने के लिए 30 हजार करोड़ रूपये का गुप्त सौदा किया है।
यहां डिप्टी कमिशनर कार्यालय के सामने पार्टी कार्यकर्ताओं और किसानों की भारी मौजूदगी में एक ऐतिहासिक धरनेे को संबोधित करते हुए अकाली दल अध्यक्ष ने कहा,‘‘ हम आप सरकार की ‘जमीन हड़पने की योजना’ के तहत एक इंच भी जमीन एक्वायर नही होने देंगें। जब तक सरकार लैंड पूलिंग स्कीम को वापिस नही लेती, हम अपना आंदोलन इसी तरह जारी रखेेंगें।’’
यह कहते हुए सरदार सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि पंजाब के किसानों को आप पार्टी को विस्तार करने की योजनाओं के भुगतान करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होने कहा,‘‘ केजरीवाल एक तरह से पंजाब में ही बस गए हैं, और उन्होने मोहाली स्थित मार्कफेड कार्यालय को अपना निवास बना लिया है।’’ उन्होने कहा कि इसी तरह आप के दिल्ली नेता मनीष सिसोदिया को पंजाब की लूट को आसान बनाने के लिए चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री भगवंत मान के बगल में घर दिया गया है। उन्होने कहा कि इन दोनों ने दिल्ली के अन्य लोगों के साथ मिलकर राज्य की बागडोर संभाल ली है और इसे पूरी तरह से लूटने पर तुले हुए हैं।
यह कहते हुए कि अकाली दल राज्य में सभी जमीन एक्वायर की निगरानी करने के लिए चीफ सेके्रटरी की अध्यक्षता वाली पांच मैंबरीय टीम को देखरेख करने की अनुमति नही देगा, सरदार बादल ने कहा,‘‘ चार बाहरी लोगोें की टीम को हम पंजाब में प्रवेश करने की अनुमति नही देंगें।’’ उन्होने चीफ सेके्रटरी से भी कहा कि उन्हे इस गैर कानूनी अधिग्रहण प्रक्रिया में शामिल नही होना चाहिए, जो 2013 के केंद्रीय अधिग्रहण अधिनियम का पालन नही कर रही, बल्कि 1995 के राज्य अधिनियम के अनुसार जमीन एक्वायर करने का फैसला ले रही, जिससे किसानों के साथ बहुत ज्यादा भेदभाव होगा।
सरदार बादल ने यह भी स्पष्ट किया कि सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को होगा। उन्होने कहा,‘‘ पिछले 25 सालों में पंजाब में सिर्फ 11 हजार एकड़ जमीन का ही अधिग्रहण किया गया है, जिसमें से 3 हजार एकड़ जमीन का विकास होना बाकी है। इसी तरह 75 साल पहले चंडीगढ़ की स्थापना के लिए सिर्फ 28 हजार एकड़ जमीन एक्वायर की गई थी, जिसमें से 8000 एकड़ जमीन अभी भी खाली है। आप सरकार कैसे सोच सकती है कि वह सिर्फ लुधियाना में ही 24 हजार एकड़ जमीन के साथ 44 हजार एकड़ जमीन का विकास करेगी? उन्होने आगे कहा कि किसानों को अपनी जमीन के विकास के लिए कई सालों तक इंतजार करना पड़ेगा, जिससे वे सिर्फ तबाह ही नही होंगें, बल्कि उन इलाकों की कृषि अर्थव्यवस्था भी बर्बाद हो जाएगी जहां अधिग्रहण किया जाएगा।
अकाली दल अध्यक्ष ने कहा कि कुछ ग्राम पंचायतें पहले ही प्रस्ताव पारित करने की पहल कर चुकी हैं कि हम नही चाहते कि हमारी जमीनों का अधिग्रहण किया जाए। उन्होने कहा,‘‘ इसे एक जन आंदोलन में बदल दिया जाना चाहिए।’’ उन्होने यह भी बताया कि 2027 में राज्य में सरकार बनने पर अकाली दल एक नीति लेकर आएगा , जिसके तह बाहरी लोगों को राज्य में जमीन खरीदने की अनुमति नही दी जाएगी। उन्होने कहा,‘‘ इसी तरह सरकारी नौकरियां भी सिर्फ पंजाबी नौजवानों को ही दी जाएगीं।’’ उन्होने यह भी कहा कि अगली अकाली दल की सरकार राज्य में नए उद्योगों को आमंत्रित करेगी, लेकिन कारोबारियों के लिए यह शर्त अनिवार्य करेगी कि वे अपने प्रतिष्ठानों में कम से कम 80 फीसदी पंजाबियों को रोजगार दिया जाए।
इस अवसर पर जनमेजा सिंह सेखों, सिकंदर सिंह मलूका, जगसीर सिंह कल्याण , जतिंदर सोढ़ी, बलकार बराड़, रविप्रीत सिद्धू, प्रेम अरोड़ा, मान सिंह गुरु ,इकबाल सिंह बबली ढ़िल्लों सुशील गोल्डी, हरिंदर सिंह हिंदा, मोहन सिंह बंगी, बीबी जोगिंदर कौर, बलजीत सिंह बीरबेमान, बलबीर सिंह बीरोके, तेजिंदर मिडडूखेड़ा, मोहित गुप्ता, हरप्रीत सिंह कोटभाई, राजविंदर सिंह धर्मकोट, यूथ अकाली दल के अध्यक्ष सरबजीत सिंह झिंझर, आकाशदीप मिडडूखेड़ा, एसओआई अध्यक्ष रणबीर सिंह लप्पी और एन्नाखेड़ा और नवजिंदर मान मौजूद थे।
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