अरुणेश वाजपेयी की स्मृतियों ने भिगोईं शहर की फिज़ाएं, श्रद्धांजलि सभा में गूँजा ‘चरैवेति-चरैवेति’ का संकल्प

Feb 8, 2026 - 18:00
Feb 8, 2026 - 18:00
 0  0
अरुणेश वाजपेयी की स्मृतियों ने भिगोईं शहर की फिज़ाएं, श्रद्धांजलि सभा में गूँजा ‘चरैवेति-चरैवेति’ का संकल्प

हरदोई (आरएनआई) पत्रकारिता से जुड़े वरिष्ठ अधिवक्ता एवं समाजसेवी स्वर्गीय अरुणेश वाजपेयी की रचनात्मक, प्रेरक और परमार्थ से भरी स्मृतियों ने शहर की फिजाओं में भावनात्मक नमी घोल दी। जेके पब्लिक स्कूल में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शिक्षा, साहित्य, प्रशासन और सामाजिक क्षेत्र की विभूतियों ने उनके व्यक्तित्व और सामाजिक योगदान को याद करते हुए उन्हें परमार्थ पथ का विराट व्यक्तित्व बताया।

श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने एक स्वर में संकल्प लिया कि अरुणेश वाजपेयी से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं और रचनात्मक पहलों को उसी ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। इस अवसर पर उनके पुत्र सुयश वाजपेयी ने भी हर रचनात्मक और सामाजिक कार्य में सहयोग जारी रखने का संकल्प दोहराया। सभा में सामूहिक स्वर में यह मंत्र गूंजा—

“चरैवेति चरैवेति ही मंत्र है अपना… सतत चलना, नहीं रुकना।”

पूर्व जिलाधिकारी एके सिंह राठौर ने कहा कि अरुणेश वाजपेयी के विराट व्यक्तित्व को शब्दों में समेटना कठिन है। गंभीर अस्वस्थता के बावजूद वे समाजसेवा में लगातार सक्रिय रहे। उन्होंने बताया कि अपने कार्यकाल के दौरान स्वर्गीय वाजपेयी के प्रयासों से साइंस एक्सप्रेस का हरदोई में तीन दिनों तक ठहराव हुआ, जिसने देशभर में सर्वाधिक दर्शक संख्या का रिकॉर्ड बनाया।

पूर्व सांसद डॉ. अशोक वाजपेयी ने उन्हें निर्भीक, ईमानदार और निष्ठावान व्यक्तित्व बताते हुए कहा कि उन्होंने हरदोई को सांस्कृतिक पहचान दी। उनमें संकल्प को सिद्धि में बदलने की अद्भुत क्षमता थी और सार्वजनिक जीवन के कई निर्णय उनकी सलाह से ही लिए गए।

पूर्व गृह सचिव मणिप्रसाद मिश्र ने कहा कि अरुणेश वाजपेयी के व्यक्तित्व का दायरा अत्यंत विस्तृत था। यदि उन्हें और बड़े अवसर मिले होते तो वे देश-दुनिया को और अधिक प्रभावित कर सकते थे। उनकी स्मृतियों को विभिन्न रूपों में समाज के सामने लाकर प्रेरणा का स्रोत बनाए रखना आवश्यक है।

वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी भुवन चतुर्वेदी ने अपने पिता, पूर्व जिलाधिकारी अमियकृष्ण चतुर्वेदी से अरुणेश वाजपेयी की निकटता को याद करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन से वरदान ट्रस्ट ने निर्विघ्न और सुदीर्घ यात्रा पूरी की। वे ट्रस्ट के मजबूत स्तंभ थे।

सभा की शुरुआत स्मृतिशेष अरुणेश वाजपेयी के अग्रज प्रोफेसर अखिलेश वाजपेयी की स्मृतियों से हुई। प्रतिबिम्ब संस्था के महासचिव अनिल श्रीवास्तव ने उनके संपूर्ण जीवनवृत्त पर प्रकाश डाला, जबकि महेश मानव ने उनकी रचनात्मक गतिविधियों को रेखांकित किया।

सभा में अनेक सामाजिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने स्वर्गीय वाजपेयी को लोकचिंतक, सिद्धांतवादी और कर्तव्यनिष्ठ व्यक्तित्व बताया। कार्यक्रम का संचालन मनीष मिश्र ने किया। सवायजपुर विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम की शुरुआत कला-संगीत के अंतर्गत श्रेयांश गुप्ता, हिमांशु मिश्र और सगुन शुक्ला के भजनों से हुई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों, बुद्धिजीवियों, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने स्वर्गीय अरुणेश वाजपेयी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0
Laxmi Kant Pathak Senior Journalist | State Secretary, U.P. Working Journalists Union (Regd.)