सोना-चांदी की बढ़ती कीमतों पर राज्यसभा में उठा मुद्दा, नीरज डांगी ने सरकार की आर्थिक नीति पर उठाए सवाल
देश में सोने और चांदी की कीमतों में तेज़ बढ़ोतरी को लेकर राज्यसभा में गंभीर चिंता जताई गई है। राज्यसभा सांसद नीरज डांगी ने कहा कि बीते 13 महीनों में चांदी की कीमतों में 306 प्रतिशत और सोने की कीमतों में 111 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे ग्रामीण भारत खासकर स्त्रियों पर भारी आर्थिक दबाव पड़ा है।
नई दिल्ली (आरएनआई) देश में सोने और चांदी की कीमतों में तेज़ बढ़ोतरी को लेकर राज्यसभा में गंभीर चिंता जताई गई है। राज्यसभा सांसद नीरज डांगी ने कहा कि बीते 13 महीनों में चांदी की कीमतों में 306 प्रतिशत और सोने की कीमतों में 111 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे ग्रामीण भारत खासकर स्त्रियों पर भारी आर्थिक दबाव पड़ा है।
नीरज डांगी ने कहा कि भारत में सोना-चांदी केवल आभूषण नहीं, बल्कि स्त्रियों की सुरक्षा, आत्मसम्मान और पारिवारिक भविष्य से जुड़ा हुआ है। ऐसे में इनकी कीमतों को बेलगाम छोड़ देना सरकार की गंभीर विफल आर्थिक नीति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि आज किसान, श्रमिक, निम्न और मध्यम वर्ग के लोग अपनी बेटियों के विवाह के लिए न्यूनतम आभूषण तक नहीं खरीद पा रहे हैं।
सांसद ने आरोप लगाया कि एक ओर सरकार स्त्री सशक्तिकरण की बात करती है, वहीं दूसरी ओर भारी जीएसटी, ऊंचे आयात शुल्क और जमाखोरों पर प्रभावी नियंत्रण न होने से स्त्रियों की वर्षों की बचत मूल्यहीन होती जा रही है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति स्त्रियों को दंडित करने और जमाखोरों को संरक्षण देने जैसी है।
नीरज डांगी ने यह भी कहा कि बढ़ती कीमतों का असर छोटे सुनारों और कारोबारियों पर भी पड़ रहा है, जिससे वे रोजगार के संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि देशहित में सोने और चांदी की कीमतों पर हस्तक्षेप किया जाए, जीएसटी में कटौती की जाए और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए कठोर कदम उठाए जाएं।
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