मुस्लिम बहुल सीट आमौर में कड़ी टक्कर, AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान रुझानों में आगे
आमौर (आरएनआई)। सीमांचल की राजनीति में इस बार मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हुए दिखाई दे रहे हैं, क्योंकि कई विधानसभा क्षेत्रों में उनकी जनसंख्या 60 प्रतिशत से अधिक है। इन्हीं में से सबसे चर्चित सीट आमौर है, जहां मुकाबला बेहद दिलचस्प मोड़ ले चुका है। यहां AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष और मौजूदा विधायक अख्तरुल ईमान रुझानों में बढ़त बनाए हुए हैं।
बिहार चुनाव 2025 के दूसरे चरण में 122 सीटों पर रिकॉर्ड मतदान हुआ था। खासतौर पर मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में वोटिंग को लेकर असाधारण उत्साह देखने को मिला। आमौर इन्हीं सीटों में से एक है, जहां लगभग 70 प्रतिशत मुस्लिम वोटर चुनावी परिणाम को प्रभावित करते हैं। यही कारण है कि यहां की जंग पूरे सीमांचल की राजनीति को दिशा देने में अहम मानी जा रही है।
2020 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने जीत हासिल की थी, और अख्तरुल ईमान विधायक बने थे। इस बार उनके सामने जेडीयू के सबा जफर और कांग्रेस के जलील मस्तान मैदान में हैं। दिलचस्प बात यह है कि मुस्लिम बहुल क्षेत्र होने के कारण यहां धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति असर नहीं दिखाती, और मुकाबला उम्मीदवारों की व्यक्तिगत छवि व स्थानीय मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
परिणाम से पहले के रुझानों में AIMIM के अख्तरुल ईमान अपनी बढ़त बरकरार रखते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिससे इस सीट पर फिर से AIMIM की वापसी की चर्चाएँ तेज हो गई हैं।
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