जंतर-मंतर पर आंदोलन का नौवां दिन: नीट पेपर लीक के विरोध में धरना जारी, सोनम वांगचुक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे
दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, परीक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन नौवें दिन भी जारी रहा। आंदोलन को नया मोड़ तब मिला जब पर्यावरण और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक और युवा शामिल हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक जंतर-मंतर से धरना समाप्त नहीं किया जाएगा।
दिल्ली पुलिस से अनुमति मिलने के बाद 21 जून को अभिजीत दीपके अपने समर्थकों के साथ जंतर-मंतर पहुंचे थे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुआ, जहां छात्र हाथों में पोस्टर और थाली-चम्मच लेकर शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग करते नजर आए। निर्धारित अनुमति अवधि समाप्त होने के बाद पुलिस ने प्रदर्शन समाप्त करने को कहा, लेकिन अभिजीत दीपके ने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया।
आंदोलन के दौरान अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि कुछ समय के लिए धरनास्थल पर बिजली और पानी की आपूर्ति रोक दी गई थी। हालांकि बाद में दोनों सेवाएं बहाल कर दी गईं। प्रदर्शनकारियों ने इसे आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश बताया।
नौवें दिन सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल शुरू करने से पहले अभिजीत दीपके के साथ राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने जंतर-मंतर पहुंचकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। वांगचुक के आंदोलन में शामिल होने के बाद प्रदर्शन को व्यापक समर्थन मिलने लगा और हरियाणा की कई खाप पंचायतों के प्रतिनिधि भी धरनास्थल पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों के समर्थन में शामिल हुए।
फिलहाल प्रदर्शन जारी है और आंदोलनकारी अपनी मांगों पर सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।
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