एक के बाद एक पेपर लीक... कब रुकेगा छात्रों के भविष्य से खिलवाड़? सरकार फिर सवालों के घेरे में
देश में पिछले कुछ वर्षों से भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। हर बार लाखों अभ्यर्थियों की महीनों और वर्षों की मेहनत पर पानी फिर जाता है। ताजा मामला महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का है, जहां परीक्षा से महज 24 घंटे पहले पेपर लीक होने के बाद सरकार को परीक्षा रद्द करनी पड़ी।
महाराष्ट्र TET से पहले भी देश में कई बड़ी परीक्षाएं विवादों में रही हैं। इनमें **NEET-UG 2024**, **UGC-NET 2024**, **BPSC TRE**, **राजस्थान REET**, **उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा 2024**, **हरियाणा CET**, **झारखंड और बिहार की विभिन्न भर्ती परीक्षाएं** तथा कई राज्यों की शिक्षक, पुलिस और कर्मचारी चयन परीक्षाएं पेपर लीक या पेपर लीक के आरोपों के कारण चर्चा में रहीं। कई मामलों में परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं, दोबारा करानी पड़ीं और जांच एजेंसियों को कार्रवाई करनी पड़ी।
ताजा महाराष्ट्र TET मामले में पुलिस ने ठाणे के भिवंडी से कथित तौर पर प्रश्नपत्र बरामद किए, जिसके बाद राज्य सरकार ने परीक्षा स्थगित कर दी और SIT जांच के आदेश दिए। इस परीक्षा में लाखों अभ्यर्थियों को शामिल होना था, लेकिन पेपर लीक ने उनकी तैयारी और भविष्य पर फिर सवाल खड़े कर दिए।
बार-बार हो रहे पेपर लीक अब केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं रह गए हैं, बल्कि देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि सरकारें परीक्षा सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही हैं, जबकि सरकारें दावा करती हैं कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कब तक लाखों युवाओं की मेहनत पेपर लीक माफियाओं की भेंट चढ़ती रहेगी? हर बार जांच और गिरफ्तारियों की खबर आती है, लेकिन क्या ऐसी व्यवस्था बन पाएगी जिसमें परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं पूरी तरह रुक सकें? यही सवाल आज देश का हर अभ्यर्थी सरकार और व्यवस्था से पूछ रहा है।
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