'इस्तीफा देकर RSS में शामिल हो जाइए': IPS अधिकारी पर भड़के राज ठाकरे, कांग्रेस ने भी जताई आपत्ति
महाराष्ट्र में एक वायरल वीडियो को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विश्वास नांगरे पाटिल पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि वे सार्वजनिक रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की प्रशंसा करना चाहते हैं, तो पहले पुलिस सेवा से इस्तीफा दें और फिर आरएसएस या भाजपा में शामिल हो जाएं। इस मामले में कांग्रेस ने भी नाराजगी जताते हुए सरकारी अधिकारियों की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।
विवाद की शुरुआत उस वीडियो के वायरल होने के बाद हुई, जिसमें हाल ही में नागपुर के पुलिस आयुक्त नियुक्त किए गए विश्वास नांगरे पाटिल हिंदू सकल समाज द्वारा आयोजित एक हिंदू सम्मेलन में संबोधित करते नजर आए। आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान उन्होंने आरएसएस की प्रशंसा की, जिसके बाद विपक्षी दलों ने इसे लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
फेसबुक पर जारी अपने बयान में राज ठाकरे ने कहा कि एक पुलिस अधिकारी की निष्ठा केवल संविधान, कानून और अपने कर्तव्यों के प्रति होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी को किसी संगठन के प्रति सम्मान या लगाव है तो वह उसका निजी विषय हो सकता है, लेकिन उसे सार्वजनिक मंच से व्यक्त करना निष्पक्ष प्रशासन की भावना के अनुरूप नहीं है।
राज ठाकरे ने कहा कि किसी भी संगठन या राजनीतिक दल को अपने कार्यक्रम आयोजित करने और विचार रखने का अधिकार है, लेकिन सवाल यह है कि क्या एक कार्यरत पुलिस अधिकारी को ऐसे मंचों पर शामिल होना चाहिए। उन्होंने विश्वास नांगरे पाटिल से कहा कि यदि वे सार्वजनिक रूप से आरएसएस के प्रति समर्थन व्यक्त करना चाहते हैं, तो पहले अपने पद से इस्तीफा दें और उसके बाद किसी भी संगठन या राजनीतिक दल में शामिल हो जाएं।
वायरल वीडियो के बाद यह मुद्दा महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। वहीं, कांग्रेस ने भी इस मामले पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सरकारी अधिकारियों से राजनीतिक और वैचारिक निष्पक्षता की अपेक्षा की जाती है। हालांकि, इस पूरे विवाद पर आईपीएस अधिकारी विश्वास नांगरे पाटिल की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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