खरगे–राहुल का सरकार पर हमला, बोले— मनरेगा की जगह ‘रेवड़ी व्यवस्था’, वीबी-जी राम जी से छीना गया ग्रामीणों का काम का अधिकार
नई दिल्ली (आरएनआई)। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सांसद राहुल गांधी ने मनरेगा की जगह लागू किए गए नए वीबी-जी राम जी अधिनियम को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि यह नया कानून ग्रामीण भारत से काम के कानूनी अधिकार को खत्म कर देगा और रोजगार को सरकार की मर्जी पर छोड़ देगा। कांग्रेस का कहना है कि इस व्यवस्था में काम अधिकार के रूप में नहीं, बल्कि रेवड़ी की तरह दिया जाएगा, जिससे गरीबों और मजदूरों का भविष्य असुरक्षित हो जाएगा।
ग्रामीणों के नाम लिखे पत्र में खरगे और राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा को 20 वर्ष पहले यूपीए सरकार ने डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में लागू किया था, जिसने ग्रामीण परिवारों को कानूनी रूप से काम पाने का अधिकार दिया। इस कानून के तहत अब तक 180 करोड़ से अधिक मानव-दिवस का रोजगार सृजित हुआ, करीब 10 करोड़ परिसंपत्तियों का निर्माण हुआ और पंचायती राज व्यवस्था को मजबूती मिली। लेकिन नए वीबी-जी राम जी अधिनियम में न तो 15 दिन के भीतर काम देने की गारंटी है और न ही न्यूनतम मजदूरी का स्पष्ट प्रावधान।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नई व्यवस्था में मजदूरी तय करने और काम उपलब्ध कराने का पूरा नियंत्रण केंद्र सरकार के हाथ में होगा। इससे पंचायतों की भूमिका कमजोर होगी और ठेकेदार व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही मजदूरी का करीब 40 प्रतिशत बोझ राज्यों पर डाल दिया गया है, जिससे रोजगार के दिनों में कटौती की आशंका है। इसका सबसे ज्यादा नुकसान महिलाओं, दलितों और आदिवासियों को झेलना पड़ेगा।
कांग्रेस ने इसे गरीब विरोधी कदम बताते हुए कहा कि यह कानून न केवल राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालता है, बल्कि ग्रामीण श्रमिकों के संवैधानिक अधिकारों को भी कमजोर करता है। इसी के विरोध में पार्टी ने ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ नाम से देशव्यापी अभियान शुरू किया है, जो 10 जनवरी से 25 फरवरी तक चलेगा। कांग्रेस ने सभी प्रदेश अध्यक्षों से इस पत्र को स्थानीय भाषाओं में अनुवाद कर गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया है। पार्टी और विपक्षी दलों की मांग है कि नए अधिनियम को वापस लिया जाए और मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल किया जाए।
वहीं, केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि खरगे और राहुल गांधी वीबी-जी राम जी अधिनियम को लेकर झूठ फैला रहे हैं। शिवराज का दावा है कि नया कानून काम के अधिकार को कमजोर नहीं, बल्कि और मजबूत करेगा। उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी अभियान पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष जानबूझकर यह भ्रम फैला रहा है कि इस योजना के तहत रोजगार केवल कुछ पंचायतों तक सीमित रहेगा। शिवराज ने कहा कि गलत जानकारी फैलाकर कांग्रेस खुद को ही कमजोर कर रही है।
इधर, राहुल गांधी ने आरएसएस और भाजपा पर भी लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया। कोच्चि में नव निर्वाचित कांग्रेस स्थानीय निकाय सदस्यों की महापंचायत को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस सत्ता का केंद्रीकरण चाहते हैं, जबकि कांग्रेस सत्ता के विकेंद्रीकरण में विश्वास करती है। राहुल ने कहा कि इसी सोच के तहत कांग्रेस ने 73वां और 74वां संविधान संशोधन कर त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चाहती है कि आम लोग चुप रहें ताकि कुछ कॉरपोरेट कंपनियां देश की संपत्तियों पर नियंत्रण कर सकें।
केरल की जनता की सराहना करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि यहां के लोग अपनी आवाज को कभी दबने नहीं देंगे और लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देंगे। साथ ही उन्होंने राज्य की एलडीएफ सरकार पर भी कटाक्ष करते हुए उस पर बेरोजगारी के मुद्दे पर विफल रहने का आरोप लगाया।
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