काशी गुरु श्री सम्मान से सम्मानित होंगे ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि, शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए वाराणसी में होगा सम्मान
सुलतानपुर, (आरएनआई) राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर कादीपुर निवासी ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि को शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए काशी गुरु श्री सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें काशी साहित्यिक संस्थान द्वारा वाराणसी के ऐतिहासिक पराड़कर भवन में सोलह दिसंबर को आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम संयोजक डॉ सुनीता चौधरी ने पत्र भेजकर सम्मान की जानकारी दी है।
उल्लेखनीय है कि ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि साहित्य, शिक्षा, समाजसेवा व पत्रकारिता आदि क्षेत्रों में दर्जन भर से अधिक सम्मान पा चुके हैं। वे पिछले एक दशक से जनपद में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने में जुटे हैं। अपने महाविद्यालय के विद्यार्थियों के बीच पुस्तकों को लोकप्रिय बनाने में लगे ज्ञानेन्द्र जनपद के अन्य नागरिकों को भी पुस्तकों से लगातार जोड़ते रहते हैं। पिछले कई वर्षों से जनपद के विभिन्न मंचों पर नई पुस्तकों के विमोचन,समीक्षा , पुस्तक चर्चा आदि कार्यक्रमों को आयोजित कर ज्ञानेन्द्र ने पुस्तकों के प्रचार में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। यही नहीं यह ज्ञानेन्द्र के प्रयास का ही फल था कि पुस्तकों से दूरी बनने के माहौल में भी जनपद में सफल पुस्तक मेलों का आयोजन हुआ। हिन्दी साहित्य के शीर्षस्थ प्रकाशक वाणी प्रकाशन ने ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि के संयोजकत्व में पहली बार जनपद में सात दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी लगाई । राजकमल प्रकाशन ने भी ज्ञानेन्द्र को अपनी पुस्तक प्रदर्शनी का सह संयोजक बनाकर जनपद में एक सप्ताह तक पुस्तक मेला लगाया।
इंटर में पढ़ाई के दौरान ही ज्ञानेन्द्र ने वंचितों को निशुल्क कोचिंग और पुस्तकें देना शुरू किया था। स्नातक की पढ़ाई के समय इलाहाबाद में निशुल्क अध्ययन मंडल चलाकर ज्ञानेन्द्र ने अपने इस अभियान को और गति प्रदान की थी ।
ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि को ज्ञान विज्ञान की राजधानी कही जाने वाली काशी नगरी में मिलने वाले सम्मान पर महाविद्यालय परिवार सहित जनपद के शिक्षकों, साहित्यकारों व समाजसेवियों ने प्रसन्नता व्यक्त की है।
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