कांकेर की घटनाओं पर छत्तीसगढ़ के सर्व समाज में आक्रोश, धर्मांतरण पर सख्त प्रतिबंध की मांग
कांकेर/रायपुर (आरएनआई) कांकेर जिले के आमाबेड़ा एवं बड़े तेवड़ा क्षेत्र में हाल ही में सामने आए धार्मिक विवाद, कथित धर्मांतरण, हिंसक झड़पों, आगजनी तथा दफ़न/कब्र विवाद की घटनाओं को लेकर प्रदेश में गंभीर तनाव की स्थिति निर्मित हो गई है, जिसके विरोध में सर्व समाज छत्तीसगढ़ द्वारा 24 दिसंबर 2025 को प्रदेशव्यापी बंद का आह्वान किया गया है। इन घटनाओं के संदर्भ में सर्व समाज समन्वय महासभा छ. ग. के प्रान्त निदेशक श्री रमाशंकर श्रीवास्तव प्रान्त निदेशक ने कहाँ की हमारे प्रान्त अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. संजीव कर्माकर “वशिष्ठ” ने कड़ी भर्त्सना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में हिंदू सनातन समाज के बीच धर्मांतरण की गतिविधियाँ तेज़ी से फैल रही हैं, जो अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि इसके कारण विशेष रूप से आदिवासी समाज की लाखों वर्षों से चली आ रही परंपराएँ, धार्मिक आस्थाएँ, रीति–रिवाज और सांस्कृतिक पहचान समाप्त होने के कगार पर पहुँच रही हैं। आदिवासी समाज प्रकृति-पूजक, ग्राम देवताओं और परंपरागत जीवन पद्धति से जुड़ा रहा है, किंतु जब प्रलोभन, दबाव या भ्रम के माध्यम से धर्म परिवर्तन कराया जाता है, तो यह उनके अस्तित्व पर सीधा आघात है। ऐसी परिस्थितियों में आदिवासी समाज में आक्रोश उत्पन्न होना पूर्णतः स्वाभाविक है, क्योंकि यह केवल धार्मिक विषय नहीं बल्कि सामाजिक संतुलन, सांस्कृतिक संरक्षण और संवैधानिक मर्यादा का प्रश्न है। डॉ. कर्माकर “वशिष्ठ” ने राज्य सरकार से कड़ा रुख अपनाने की मांग करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण पर सख्त और प्रभावी प्रतिबंध लगाया जाए, मौजूदा कानूनों का कठोरता से पालन सुनिश्चित किया जाए तथा दोषियों के विरुद्ध त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई हो, ताकि प्रदेश में शांति, सामाजिक समरसता और आदिवासी समाज की सांस्कृतिक विरासत की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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