हाथरस का गुलाल महकाएगा देश-दुनिया, होली से पहले कारोबार 260 करोड़ के पार

Feb 8, 2026 - 11:58
 0  81
हाथरस का गुलाल महकाएगा देश-दुनिया, होली से पहले कारोबार 260 करोड़ के पार

हाथरस (आरएनआई) होली का पर्व नजदीक आते ही हाथरस के पारंपरिक रंग-गुलाल की खुशबू देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक फैलने लगी है। अपनी चमक, शुद्धता और सुरक्षित निर्माण प्रक्रिया के लिए पहचाने जाने वाले हाथरस के गुलाल की मांग इस साल रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। हर्बल और पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों की बढ़ती लोकप्रियता के चलते इस बार मांग में 15 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है।

हाथरस जिले में छोटी-बड़ी मिलाकर करीब 50 उत्पादन इकाइयां संचालित हैं। कभी सालाना 120 करोड़ रुपये तक सीमित रहने वाला यह कारोबार इस बार 260 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। इसमें लगभग 80 करोड़ रुपये का निर्यात और करीब 180 करोड़ रुपये की घरेलू खपत शामिल है। बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए करीब 800 कर्मचारी दिन-रात गुलाल उत्पादन में जुटे हुए हैं।

हाथरस का रंग-गुलाल अब सिर्फ देश तक सीमित नहीं रहा। मलयेशिया, सिंगापुर, दुबई, ब्राजील, अमेरिका, कनाडा, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और नेपाल जैसे देशों में इसकी नियमित आपूर्ति हो रही है। कारोबारियों का कहना है कि विदेशी बाजारों के साथ-साथ घरेलू मांग में भी औसतन 20 प्रतिशत से अधिक का उछाल आया है।

गौतमबुद्ध नगर से आए कारोबारी तरुण कुमार अग्रवाल बताते हैं कि हाथरस की गुणवत्ता और वर्षों पुरानी परंपरा पर देश-विदेश के ग्राहक पूरा भरोसा करते हैं। वहीं रायपुर, छत्तीसगढ़ से आए विकास जैन का कहना है कि उनके यहां भी गुलाल का उत्पादन होता है, लेकिन हाथरस के उत्पादों की मांग उनके क्षेत्र में प्राथमिकता पर रहती है, इसलिए वे यहीं से कारोबार करते हैं।

इस बार गुलाल के साथ-साथ नए उत्पादों ने भी बाजार में खास आकर्षण पैदा किया है। गुलाल के पांच से 20 किलो तक के सिलिंडर, स्प्रे और विभिन्न वैरायटी के पैक की अच्छी मांग है। कुछ सिलिंडरों की कीमत पांच हजार रुपये तक पहुंच रही है। हर्बल गुलाल में फ्लावर बेस, फ्रूट बेस, स्टार्च और प्रीमियम श्रेणी के उत्पाद सबसे ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं। इसके अलावा कॉरपोरेट ऑर्डर के तहत गिफ्ट हैम्पर्स की भी मांग बढ़ी है, जिनमें रंग-गुलाल के साथ पिचकारी, स्प्रे, गुब्बारे, टेसू के फूल, चंदन और ठंडाई शामिल की जा रही है।

रंग-गुलाल निर्माता देवेंद्र गोयल बताते हैं कि इस साल कई नए उत्पाद बाजार में उतारे गए हैं, जिससे बिक्री काफी बेहतर रही है। वहीं अशोक कुमार वार्ष्णेय का कहना है कि लंबी दूरी के ऑर्डर पहले ही रवाना किए जा चुके हैं और आसपास के राज्यों से व्यापारी आकर लगातार बुकिंग करा रहे हैं।

समय के साथ आधुनिकता और विविधता ने हाथरस के इस पारंपरिक उद्योग को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। सामूहिक होली खेलने की बढ़ती परंपरा और नए-नए उत्पादों के चलते गुलाल के सिलिंडर और स्प्रे ने कारोबार के टर्नओवर को और मजबूती दी है। इस बार हाथरस का गुलाल न सिर्फ होली के रंग बिखेरेगा, बल्कि जिले की आर्थिक खुशहाली में भी नई चमक भरता नजर आएगा।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0
RNI News Reportage News International (RNI) is India's growing news website which is an digital platform to news, ideas and content based article. Destination where you can catch latest happenings from all over the globe Enhancing the strength of journalism independent and unbiased.