रामकृष्ण परमहंस की पुण्यतिथि आज: अद्वैत वेदांत के महान साधक और स्वामी विवेकानंद के गुरु को श्रद्धांजलि
नई दिल्ली (आरएनआई) आज 16 अगस्त को महान संत और अद्वैत वेदांत के उपासक रामकृष्ण परमहंस की पुण्यतिथि है। 16 अगस्त 1886 को उन्होंने इस नश्वर देह का त्याग किया था। देशभर में आज उन्हें नमन किया जा रहा है।
रामकृष्ण परमहंस का जन्म 18 फरवरी 1836 को बंगाल के हुगली जिले के कामारपुकुर गांव में हुआ था। बचपन में उनका नाम गदाधर चट्टोपाध्याय था। वे बचपन से ही आध्यात्मिक प्रवृत्ति वाले थे और मां काली के परम भक्त बने। कहा जाता है कि उन्हें मां काली के साक्षात दर्शन भी होते थे।
आध्यात्मिक साधना और आत्मानुभूति के मार्ग पर चलते हुए उन्हें "परमहंस" की उपाधि मिली। उन्होंने स्पष्ट कहा कि "ईश्वर एक ही है, पर उसके अनेक रूप हैं।" सत्य, अहंकार का त्याग और निस्वार्थ सेवा को उन्होंने ईश्वर-प्राप्ति का मूल मंत्र बताया।
रामकृष्ण परमहंस का मानना था कि सभी धर्म एक ही परम सत्य की ओर ले जाते हैं। उनके विचारों और शिक्षाओं ने उनके शिष्य स्वामी विवेकानंद को गहराई से प्रभावित किया। यही वह प्रेरणा थी, जिससे बाद में स्वामी विवेकानंद ने "रामकृष्ण मिशन" की स्थापना की।
16 अगस्त 1886 को गले के कैंसर के कारण परमहंस का देहावसान हो गया, लेकिन उनके उपदेश आज भी लोगों को आध्यात्मिक मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
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