नववर्ष के जश्न में रातभर झूमती रही पहाड़ों की रानी शिमला, 12 बजते ही गगनभेदी आतिशबाजी से गूंज उठा आसमान
शिमला (आरएनआई)। नए साल के स्वागत में हिमाचल प्रदेश पूरी तरह जश्न के रंग में डूबा रहा। पहाड़ों की रानी शिमला, मनाली, धर्मशाला और डलहौजी सहित राज्य के सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों पर देर रात तक रौनक बनी रही। देश-विदेश से पहुंचे हजारों सैलानी और स्थानीय लोग डीजे की धुनों पर झूमते हुए वर्ष 2026 का स्वागत करते नजर आए।
शिमला में नववर्ष की पूर्व संध्या पर खासा उत्साह देखने को मिला। हजारों की संख्या में युवा और पर्यटक मालरोड, रिज और लोअर बाजार में एकत्रित हुए। जैसे ही रात के 12 बजे, पूरा शहर तालियों, शोर और आतिशबाजी की गूंज से भर गया। लोग एक-दूसरे को नए साल की बधाइयां देते नजर आए और हर तरफ जश्न का माहौल छा गया।
नववर्ष को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस के सैकड़ों जवान और अधिकारी पूरे शहर में तैनात रहे। 25 से 31 दिसंबर के बीच करीब 50 हजार बाहरी वाहनों के शिमला पहुंचने से शहर पर भारी दबाव रहा। अकेले 31 दिसंबर को ही 4,300 से अधिक वाहन शोघी बैरियर से शहर में दाखिल हुए। रिपोर्टिंग रूम के बाहर सैलानियों और युवाओं ने नाटी डालकर डांस किया और देर रात तक मस्ती चलती रही।
मालरोड और रिज पर भारी भीड़ के कारण कई जगह आवाजाही मुश्किल हो गई। बर्फबारी नहीं होने से कुछ पर्यटक निराश दिखे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने सेल्फी पॉइंट्स पर फोटो खिंचवाकर यादगार पल सहेजे। विंटर कार्निवल के लिए लगाए गए स्टॉलों पर भी अच्छी-खासी भीड़ रही। पर्यटकों की भारी संख्या के चलते शहर की अधिकांश पार्किंग दोपहर बाद ही भर गईं, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हुई। पुलिस ने अस्थायी पार्किंग की व्यवस्था की और करीब 2,500 वाहन सड़कों के किनारे खड़े करवाए, फिर भी शहर भर में वाहन रेंगते नजर आए और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
इसके बावजूद सैलानियों का उत्साह कम नहीं हुआ। हरियाणा से आए अर्जुन सिंह ने बताया कि ट्रैफिक जाम से थोड़ी परेशानी जरूर हुई, लेकिन शिमला का सुहाना मौसम देखकर सारी थकान दूर हो गई। मुंबई से अपने परिवार के साथ आए रॉबिन ने कहा कि वह खास तौर पर नए साल का जश्न मनाने के लिए शिमला आए हैं और यहां का माहौल बेहद शानदार है।
नववर्ष के मौके पर पंजाब, हरियाणा, मुंबई, अहमदाबाद और बिहार सहित देश के विभिन्न हिस्सों से पर्यटक शिमला पहुंचे। कई सैलानी बर्फबारी की उम्मीद में कुफरी और नारकंडा की ओर भी गए। इस दौरान केक की भी जमकर बिक्री हुई। लोअर बाजार स्थित जनता बेकरी के संचालक तरुण राणा के अनुसार नए साल के लिए एडवांस में बड़ी संख्या में केक की बुकिंग हुई और 250 से लेकर 1,000 रुपये तक के केक बिके।
हालांकि होटलों की ऑक्यूपेंसी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन शिमला के अध्यक्ष मोहिंद्र सेठ ने बताया कि नए साल पर भी शहर के होटलों में केवल 30 से 40 प्रतिशत कमरे ही भरे रहे।
नववर्ष के मौके पर राजधानी के प्रसिद्ध जाखू हनुमान मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया। मंदिर को गेंदे और गुलाब के फूलों से सजाया गया है, जो दिल्ली के एक भक्त द्वारा दान किए गए। मंदिर के गर्भगृह और बाहरी दीवारें फूलों और रंग-बिरंगी लड़ियों से सजी रहीं। नववर्ष पर मंदिर के कपाट सुबह चार बजे ही श्रद्धालुओं और सैलानियों के लिए खोल दिए गए, जहां दिनभर दर्शन के लिए लोगों की भीड़ लगी रही।
कुल मिलाकर, शिमला ने नए साल का स्वागत पूरी ऊर्जा और उल्लास के साथ किया, जहां ठंड के बीच भी जश्न की गर्माहट लोगों के चेहरे पर साफ झलकती रही।
Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0



