कोठरी में एकांत कारावास पर यूएन विशेषज्ञ की चिंता, इमरान खान की जेल स्थिति को लेकर पाकिस्तान से तत्काल कार्रवाई की मांग
जिनेवा (आरएनआई) संयुक्त राष्ट्र की यातना मामलों की विशेष विशेषज्ञ एलिस जिल एडवर्ड्स ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल में स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने पाकिस्तान सरकार से आग्रह किया है कि वह तुरंत और प्रभावी कदम उठाए, क्योंकि उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार खान को लंबे समय से एकांत कारावास में रखा जा रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों के विपरीत है।
एडवर्ड्स ने कहा कि रावलपिंडी की अदियाला जेल में स्थानांतरण के बाद से इमरान खान को प्रतिदिन लगभग 23 घंटे कोठरी में बंद रखा जा रहा है। उनका बाहरी दुनिया से संपर्क बेहद सीमित है और कथित तौर पर उनकी कोठरी में लगातार कैमरे की निगरानी की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी परिस्थितियां यातना या अन्य क्रूर, अमानवीय अथवा अपमानजनक व्यवहार के बराबर मानी जा सकती हैं।
संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञ ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून के तहत लंबे समय तक एकांत कारावास प्रतिबंधित है। यदि यह 15 दिनों से अधिक समय तक जारी रहता है, तो इसे यातना का एक रूप माना जाता है। उन्होंने कहा कि इमरान खान के लिए एकांत कारावास की व्यवस्था को बिना किसी देरी के समाप्त किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर और स्थायी दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, इमरान खान को न तो कोठरी से बाहर गतिविधियों की अनुमति है और न ही अन्य कैदियों से मिलने की। उन्हें सामूहिक नमाज में शामिल होने से भी रोका गया है। वकीलों, परिजनों और अदालत द्वारा अधिकृत व्यक्तियों से मुलाकातें या तो रद्द कर दी जाती हैं या समय से पहले समाप्त कर दी जाती हैं।
बताया गया है कि खान को एक छोटी कोठरी में रखा गया है, जहां प्राकृतिक रोशनी और पर्याप्त वेंटिलेशन का अभाव है। गर्मियों और सर्दियों में तापमान अत्यधिक हो जाता है, जबकि खराब हवा, दुर्गंध और कीट-मकौड़ों की समस्या बनी रहती है। इन परिस्थितियों के कारण उन्हें मतली, उल्टी और वजन घटने जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा है।
एलिस जिल एडवर्ड्स ने जोर देकर कहा कि किसी भी कैदी के साथ मानवता और सम्मान के साथ व्यवहार किया जाना चाहिए। कैदी की उम्र और स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए उचित सोने की व्यवस्था, पर्याप्त स्थान, रोशनी, तापमान नियंत्रण और वेंटिलेशन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने याद दिलाया कि 72 वर्षीय इमरान खान पहले से ही गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं, जिनमें 2013 में लगी रीढ़ की गंभीर चोट और 2022 में हुए हत्या के प्रयास में गोली लगने की घटना शामिल है।
यूएन विशेषज्ञ ने यह भी कहा कि इमरान खान को पर्याप्त चिकित्सा देखभाल नहीं मिल रही है। उन्होंने पाकिस्तानी अधिकारियों से अपील की कि खान के निजी चिकित्सकों को उनसे मिलने और आवश्यक उपचार प्रदान करने की अनुमति दी जाए, ताकि उनकी सेहत और गरिमा की रक्षा सुनिश्चित हो सके।
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