कड़ाके की ठंड के बीच प्रदूषण का कहर, ‘गंभीर’ श्रेणी में दिल्ली की हवा, कई इलाकों में AQI 450 के पार
नई दिल्ली (आरएनआई)। राजधानी दिल्ली में कड़ाके की ठंड और प्रतिकूल मौसम के बीच वायु प्रदूषण ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। सोमवार सुबह दिल्ली की हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई और शहर कई इलाकों में गैस चैंबर जैसी स्थिति बन गई। दिन की शुरुआत घने कोहरे और धुंध की मोटी परत के साथ हुई, जिससे दृश्यता बेहद कम रही।
एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम फॉर दिल्ली के अनुसार, सोमवार सुबह राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 418 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है। खराब हवा के कारण दमा और सांस के मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत और गले में खराश जैसी समस्याएं महसूस हुईं। कई इलाकों में लोग मास्क पहनकर बाहर निकलते नजर आए।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के कई क्षेत्रों में AQI 450 के पार पहुंच गया। आनंद विहार में 462, अशोक विहार में 473, बुराड़ी में 460, चांदनी चौक में 454 और बवाना में 448 एक्यूआई दर्ज किया गया। वहीं अलीपुर में 395, आया नगर में 340 और लोधी रोड इलाके में 382 एक्यूआई रहा।
इसके अलावा डीटीयू इलाके में 467, द्वारका सेक्टर-8 में 427, आईटीओ में 431, मुंडका में 467, पंजाबी बाग में 434, आरकेपुरम में 439, रोहिणी में 471, सोनिया विहार में 469, विवेक विहार में 472 और वजीरपुर में भी 472 एक्यूआई दर्ज किया गया। आईजीआई एयरपोर्ट टी-3 और नजफगढ़ जैसे इलाकों में भी हवा बेहद खराब स्थिति में रही।
गंभीर होती स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने शनिवार देर रात दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रेप)-4 की पाबंदियां लागू कर दी हैं। इसके साथ ही राजधानी में ग्रेप के सभी चरण प्रभावी हो गए हैं। इन नियमों के तहत प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए पांच बिंदुओं वाले एक्शन प्लान को सख्ती से लागू किया जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली की हवा के लगातार बिगड़ने की मुख्य वजह मौसम की मार है। तापमान में गिरावट और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से ठंडी हवा नीचे फंसी हुई है, जिससे प्रदूषक ऊपर नहीं उठ पा रहे हैं। इस ठंडी परत में वाहनों का धुआं, निर्माण कार्यों से उठने वाली धूल और अन्य प्रदूषक जमा हो जाते हैं। बारिश की कमी और हवा की रफ्तार धीमी होने के कारण यह प्रदूषण बाहर नहीं निकल पाता, जिससे हालात और ज्यादा खराब हो जाते हैं।
Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0



