ईरान ने अमेरिका के खिलाफ बड़ी जीत का किया दावा, डोनाल्ड ट्रंप बोले – संघर्ष विराम अब भी लागू
ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। दो सप्ताह के संघर्ष विराम के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य में हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। इसी बीच ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरेफ ने दावा किया है कि ईरानी जनता जल्द ही अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ बड़ी जीत का जश्न मनाएगी। दूसरी ओर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि हालिया तनाव के बावजूद संघर्ष विराम अब भी प्रभावी है।
मोहम्मद रजा आरेफ ने स्वास्थ्य सेवाओं और औद्योगिक क्षेत्रों को हुए नुकसान का निरीक्षण करते हुए कहा कि ईरान कठिन परिस्थितियों के बावजूद मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि देश में पुनर्निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और आने वाले समय में ईरान पर वर्षों से लगे प्रतिबंध और दबाव समाप्त हो जाएंगे। आरेफ ने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है और ईरान इसकी सुरक्षा तथा नियंत्रण बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
ईरानी उपराष्ट्रपति ने राष्ट्रीय पेट्रोकेमिकल कंपनी, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान शिपिंग लाइन्स तथा खाद्य एवं औषधि प्रशासन का दौरा कर वहां चल रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ईरान क्षेत्र में दबदबा स्थापित नहीं करना चाहता, बल्कि पड़ोसी देशों के साथ सहयोग बढ़ाकर इस क्षेत्र को आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करना चाहता है।
उधर डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यदि संघर्ष विराम समाप्त हो गया होता तो दुनिया को इसका तुरंत पता चल जाता। उन्होंने दावा किया कि ईरान के साथ अमेरिका का प्रस्ताव केवल एक पन्ने का दस्तावेज नहीं, बल्कि व्यापक समझौते का हिस्सा है। ट्रंप ने कहा कि इस प्रस्ताव में ईरान के परमाणु हथियार न रखने की शर्त प्रमुख रूप से शामिल है।
ट्रंप के अनुसार अमेरिका का उद्देश्य ईरान के साथ लंबे समय से चल रहे संघर्ष को समाप्त करना है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि प्रस्ताव में परमाणु गतिविधियों से जुड़ी कई शर्तें शामिल हैं, जिन पर दोनों पक्षों के बीच चर्चा जारी है। बताया जा रहा है कि तेहरान इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है और पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका के संदेशों पर विचार किया जा रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ता तनाव पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बना हुआ है, क्योंकि यह क्षेत्र वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ती बयानबाजी पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें टिकी हुई हैं।
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