'दिमागी नक्सलियों' को पहचानना होगा, उन्हें अलग-थलग करना होगा: लाल किले से पीएम मोदी
नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नक्सलवाद और माओवादी विचारधारा को लेकर देशवासियों को आगाह किया। उन्होंने कहा कि देश में हथियारबंद नक्सलवाद का प्रभाव काफी कम हुआ है, लेकिन ऐसी विचारधारा अब भी कुछ लोगों के बीच मौजूद है, जिसे पहचानने और अलग-थलग करने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि माओवाद और नक्सलवाद ने दशकों तक देश के कई हिस्सों को प्रभावित किया और बड़ी संख्या में परिवारों को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी नक्सली हिंसा का प्रभाव था, वहां अब विकास और विश्वास का माहौल बनाया जा रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने 2014 के बाद नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प लिया था और देश इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि जहां कभी हिंसा का प्रभाव था, वहां अब विकास की गतिविधियां दिखाई दे रही हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हथियारबंद नक्सलवाद के कमजोर होने के बावजूद कुछ लोगों की कट्टर विचारधारा अभी भी देश की नीतियों और विकास को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने ऐसे लोगों को 'दिमागी नक्सली' बताते हुए कहा कि उन्हें पहचानना और अलग-थलग करना जरूरी है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा की चुनौती केवल सीमाओं तक सीमित नहीं है। तेल रिफाइनरियों, बैंकिंग व्यवस्था और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों की सुरक्षा भी जरूरी है।
पीएम मोदी ने लाल किले से देश में जल्द ही सिविल डिफेंस का एक बड़ा नेटवर्क खड़ा करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में युवाओं की इसमें महत्वपूर्ण भागीदारी होगी।
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