धरनावदा स्कूल में स्वतंत्रता दिवस पर फूटा छात्रों का आक्रोश, प्राचार्य पर धमकाने के गंभीर आरोप; वीडियो वायरल, जांच के आदेश
स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर जहाँ पूरे देश में जश्न का माहौल था, वहीं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धरनावदा में मुख्य समारोह के दौरान स्कूली बच्चों यानी जेन-अल्फा का गुस्सा और आक्रोश खुलकर सामने आ गया। विद्यालय की चरमराती अव्यवस्थाओं, सहूलियतों के अभाव और प्राचार्य ममता सोनी की कार्यप्रणाली से त्रस्त छात्र-छात्राओं ने मुख्य अतिथियों व जनप्रतिनिधियों के सामने अपनी पीड़ा बयां कर दी। स्वतंत्रता दिवस के मंच पर गाँव के सरपंच, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और अभिभावकों की उपस्थिति में बच्चों ने रोते और बिलखते हुए प्राचार्य पर मानसिक प्रताडऩा और धमकाने के गंभीर आरोप लगाए। इधर पूरे विवाद में अन्य शिक्षकों की भूमिका भी संदिज्ध है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार स्कूल में शिक्षकों के बीच समन्वय नहीं है। दो-तीन शिक्षकों के आए दिन विवाद भी सामने आते रहते हैं। फिलहाल वीडियो वायरल होने के बाद मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को जांच सौंपी है।
छात्राओं का आरोप है कि स्कूल में मूलभूत सुविधाओं और असुविधाओं की शिकायत करने या जनप्रतिनिधियों के पास अपनी बात ले जाने पर प्राचार्य ममता सोनी द्वारा उन्हें सीधी धमकी दी जाती है। प्राचार्य द्वारा छात्रों को प्रैक्टिकल परीक्षा में फेल करने और महज 12 नंबर देने की निरंतर धमकी दी जा रही है। इतना ही नहीं, बच्चों के अभिभावक जब इस संबंध में बात करने आते हैं तो उनके साथ भी अभद्र व्यवहार और बदतमीजी की जाती है तथा उन्हें स्कूल परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया जाता है। बच्चों के इस निर्भीक और बेबाक खुलासे को सुनकर कार्यक्रम में मौजूद सरपंच सहित अन्य अतिथियों व जनप्रतिनिधियों का पारा चढ़ गया और उनका गुस्सा भी प्राचार्य की कार्यप्रणाली पर फूट पड़ा।
धरनावदा के शासकीय स्कूल के छात्र-छात्राओं, उनके अभिभावकों, ग्रामवासियों और पूरे क्षेत्रवासियों की अब केवल एक ही एकजुट मांग है कि प्राचार्य ममता सोनी अपने पद का लगातार दुरुपयोग कर रही हैं, जिससे बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ रहा है। अभिभावकों ने मध्य प्रदेश शासन, जिला प्रशासन, जन प्रतिनिधियों और जिला कलेक्टर से मांग की है कि प्राचार्य को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त किया जाए। अभिभावकों का कहना है कि शासन की नीति और नियमों के अनुसार किसी योग्य व वरिष्ठ अध्यापक को विद्यालय का प्रभार सौंपा जाए, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके, उन्हें अनुशासित माहौल में बेहतर शिक्षा मिले और वे आगे बढक़र प्रगति कर सकें। इस संबंध में जब प्राचार्य ममता सोनी से संपर्क किया तो उनसे संपर्क नहीं हो सका।
पूर्व में भी विवादों में रही हैं प्राचार्य ममता सोनी, रुठियाई में हुई थी विभागीय कार्रवाई
प्राचार्य ममता सोनी का विवादों से पुराना नाता रहा है। वर्ष 2022 में राघौगढ़ ब्लॉक के रुठियाई हायर सेकंडरी स्कूल में पदस्थी के दौरान उनके खिलाफ स्टाफ के 16 शिक्षकों ने वित्तीय अनियमितताओं, मनमानी और घोर लापरवाही के 14 बिंदुओं पर जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) से लिखित शिकायत की थी। बीईओ की जांच में आरोप सही पाए जाने पर तत्कालीन डीईओ चंद्रशेखर सिसौदिया ने ममता सोनी को प्रभारी प्राचार्य पद से हटाकर धर्मेंद्र कुमार राजोरिया को रुठियाई स्कूल का प्रभार सौंप दिया था।
*इनका कहना है*
मेरे संज्ञान में वीडियो आया है, जिसकी जांच बीईओ को दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी। प्रारंभिक तौर पर कुछ कहना मुश्किल है, वीडियो जरूर संज्ञान में आया है। जिसकी जांच करा रहे हैं। पूर्व के मामलों की तो मुझे जानकारी नहीं है, लेकिन वर्तमान में वहां शिक्षकों में समन्वय नहीं है। दो-तीन शिक्षकों में आपसी विवाद भी है, जो आए दिन आपस में लड़ते रहते हैं।- समर सिंह राठौर, जिला शिक्षा अधिकारी गुना
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