वंदे मातरम पर घमासान: बंकिम चंद्र के वंशज ने सोनिया गांधी से मांगी माफी, कहा- ‘यह शहीदों के बलिदान का अपमान’
पश्चिम बंगाल के भाजपा विधायक और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के सीधे वंशज सुमित्रो चटर्जी ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर ‘वंदे मातरम’ को लेकर हुई कथित घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने सोनिया गांधी से भारत के नागरिकों, विशेषकर पश्चिम बंगाल के लोगों से बिना शर्त माफी मांगने की अपील की है।
चटर्जी ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाए जाने के दौरान सोनिया गांधी की कथित नाराजगी और इसे रोकने की कोशिश से वह बेहद आहत हुए। उन्होंने इसे ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण राष्ट्रगीत के प्रति असम्मान बताया।
‘असहिष्णुता शहीदों के बलिदान का अपमान’
सुमित्रो चटर्जी ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशभक्ति और संघर्ष का महत्वपूर्ण प्रतीक रहा है। उन्होंने श्री अरविंद, खुदीराम बोस, बिपिन चंद्र पाल, सरला देवी चौधरानी, बाल गंगाधर तिलक और रवींद्रनाथ ठाकुर समेत कई ऐतिहासिक व्यक्तित्वों का उल्लेख करते हुए गीत के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े योगदान को सामने रखा।
उन्होंने आरोप लगाया कि ‘वंदे मातरम’ के पूरे पाठ के प्रति कथित असहिष्णुता स्वतंत्रता संग्राम में बलिदान देने वाले शहीदों के सम्मान को ठेस पहुंचाती है। चटर्जी ने कहा कि इस गीत ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान क्रांतिकारियों और राष्ट्रवादियों को प्रेरित किया था।
1905 से 1938 तक के प्रसंगों का किया जिक्र
अपने पत्र में भाजपा विधायक ने 1905 के बनारस कांग्रेस अधिवेशन में सरला देवी चौधरानी द्वारा ‘वंदे मातरम’ गाए जाने का उल्लेख किया। उन्होंने 1909 में बाल गंगाधर तिलक से जुड़े प्रसंग और 1938 में उस्मानिया विश्वविद्यालय के राष्ट्रवादी छात्र आंदोलन का भी जिक्र किया।
चटर्जी ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की ऐतिहासिक विरासत का हिस्सा है। उन्होंने सोनिया गांधी से पूरे मामले पर बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है।
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