बीसीसीआई एथिक्स ऑफिसर ने हितों के टकराव के मामले में राजीव शुक्ला और यूपीसीए पदाधिकारियों को थमाया नोटिस
नई दिल्ली (आरएनआई) भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के लोकपाल और एथिक्स ऑफिसर न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा (भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश) ने बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला और उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) के दो वरिष्ठ अधिकारियों को हितों के टकराव (Conflict of Interest) की शिकायत के आधार पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। 9 अगस्त 2026 को जारी यह आदेश 25 जुलाई 2026 को श्री उपेन्द्र यादव द्वारा दर्ज कराई गई एक औपचारिक शिकायत के बाद सामने आया है।
इस शिकायत में बीसीसीआई उपाध्यक्ष श्री राजीव शुक्ला, यूपीसीए के संयुक्त सचिव श्री ओमर मुस्तफा हसन और यूपीसीए के कोषाध्यक्ष श्री सचिन आनंद शुक्ला को नामजद किया गया है। आदेश के अनुसार, इन पदाधिकारियों पर बीसीसीआई संविधान के नियम 38 के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। यह नियम किसी भी प्रशासक या उनके निकट संबंधी को बोर्ड की गतिविधियों या टूर्नामेंटों में व्यावसायिक हित रखने से रोकता है। इसके अतिरिक्त, शिकायत में नियम 38(4)(a) और 38(4)(p) के तहत यह भी आरोप लगाया गया है कि हितों का टकराव मौजूद होने की स्थिति में प्रशासकों द्वारा क्रिकेट प्रशासन या उसके संचालन में प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से हस्तक्षेप किया जा रहा है।
शिकायत की गंभीरता और आरोपों की प्रकृति पर विचार करने के बाद, न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा ने निर्देश दिया है कि शिकायत की एक प्रति ईमेल के माध्यम से तीनों प्रतिवादियों को तुरंत भेजी जाए। प्रतिवादियों को नोटिस मिलने की तारीख से चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है, जिसके बाद शिकायतकर्ता को अपना प्रत्युत्तर (Rejoinder) दाखिल करने के लिए 7 दिनों का समय दिया जाएगा।
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