वीजा में एआई की मार: भारत की 28 सदस्यीय टीम से 10 की नौकरी गई, वरिष्ठ अधिकारी भी प्रभावित
वैश्विक भुगतान कंपनी वीजा ने अपने कर्मचारियों की संख्या में बड़ी कटौती का फैसला किया है। कंपनी अपने कामकाज को एजेंटिक एआई के इर्द-गिर्द नए सिरे से तैयार कर रही है। इसी रणनीति के तहत दुनियाभर में करीब सात प्रतिशत यानी लगभग 2,600 नौकरियों में कटौती की जा रही है। भारत में भी इसका असर दिखाई दिया है, जहां एक 28 सदस्यीय टीम के 10 कर्मचारियों की नौकरी जाने की जानकारी सामने आई है।
वीजा के वित्तीय वर्ष 2025-26 में करीब 34,100 कर्मचारी थे। इस लिहाज से कंपनी की कुल छंटनी लगभग हर 14 कर्मचारियों में से एक को प्रभावित कर सकती है। कंपनी का उद्देश्य तकनीक और एआई के बढ़ते इस्तेमाल के जरिए अपने कामकाज को अधिक स्वचालित और कुशल बनाना बताया जा रहा है।
भारत में वीजा के बंगलूरू, मुंबई, चेन्नई और हैदराबाद स्थित तकनीकी और कॉरपोरेट केंद्र हैं। इन केंद्रों में 3,500 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। हालांकि, कंपनी ने भारत में होने वाली छंटनी की सटीक संख्या सार्वजनिक नहीं की है।
इसी बीच 28 सदस्यों वाली एक भारतीय टीम से 10 लोगों की नौकरी जाने की जानकारी सामने आई है। खास बात यह है कि प्रभावित कर्मचारियों में केवल शुरुआती स्तर के कर्मचारी ही नहीं, बल्कि वरिष्ठ निदेशक, इंजीनियरिंग प्रबंधक और इंजीनियर भी शामिल हैं।
एजेंटिक एआई क्या है?
एजेंटिक एआई ऐसी तकनीक को कहा जाता है, जो केवल इंसान के हर छोटे निर्देश का इंतजार करने के बजाय किसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए कई चरणों वाले काम खुद करने में सक्षम हो सकती है। कंपनियां इसका इस्तेमाल प्रक्रियाओं को स्वचालित करने, डेटा का विश्लेषण करने और कर्मचारियों के कुछ नियमित कार्यों को कम करने के लिए कर रही हैं।
वीजा का मौजूदा कदम इस बात का संकेत देता है कि एआई का प्रभाव केवल सामान्य या दोहराव वाले कामों तक सीमित नहीं रह सकता। तकनीकी क्षेत्र में प्रबंधन और विशेषज्ञ स्तर की भूमिकाएं भी कंपनियों के पुनर्गठन से प्रभावित हो सकती हैं।
हालांकि, छंटनी का हर हिस्सा सीधे एआई के कारण हुआ है, ऐसा मानना सही नहीं होगा। कंपनियां अक्सर तकनीकी बदलावों के साथ-साथ लागत, संगठनात्मक ढांचे और कारोबार की प्राथमिकताओं में बदलाव के कारण भी कर्मचारियों की संख्या घटाती हैं।
वीजा का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब दुनिया की बड़ी कंपनियां एआई को अपने कारोबार का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रही हैं। इससे एक बड़ा सवाल भी सामने आया है कि आने वाले वर्षों में एआई के बढ़ते इस्तेमाल के बीच तकनीकी क्षेत्र में नौकरियों और कर्मचारियों की भूमिकाएं किस तरह बदलेंगी।
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