लोकसभा में युवाओं से जुड़े सवाल क्यों नहीं पूछने दिए गए? सौरव दास ने केंद्र पर उठाए सवाल

Sunday, August 16, 2026 - 16:46
0
लोकसभा में युवाओं से जुड़े सवाल क्यों नहीं पूछने दिए गए? सौरव दास ने केंद्र पर उठाए सवाल

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सह-संस्थापक और प्रवक्ता सौरव दास ने केंद्र सरकार पर युवाओं से जुड़े सवालों को संसद में उठाने की अनुमति नहीं देने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में हुए संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में युवाओं के विरोध प्रदर्शनों और उनसे जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सवाल पूछने की अनुमति नहीं दी गई।

सौरव दास के मुताबिक, लोकसभा सांसद मैथेश्वरन वीएस ने केंद्र सरकार से जवाब मांगने के लिए तीन बार सवाल भेजे थे। ये सवाल गृह मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय से संबंधित थे। उन्होंने बताया कि संबंधित प्रश्नों के नोटिस नंबर 101799 और 101801 थे।

क्या थे सवाल?

दास ने बताया कि सवालों में नीट-यूजी 2026 की आवेदन फीस वापस करने को लेकर सरकार की योजना, युवाओं के बीच सरकार के प्रति कथित रूप से घटते भरोसे और दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे युवाओं को पानी व शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने से जुड़े मुद्दे शामिल थे।

इसके अलावा प्रदर्शनकारी छात्रों और युवाओं के साथ सरकार की बातचीत, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए उठाए जा रहे कदमों तथा शांतिपूर्ण प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल करने वाले लोगों के साथ किए गए व्यवहार को लेकर भी सवाल पूछे गए थे।

नियम 41(2) का दिया गया हवाला

सौरव दास ने दावा किया कि इन सवालों को संसद में पूछने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि इसके लिए लोकसभा के नियम 41(2) की विभिन्न धाराओं का हवाला दिया गया।

दास ने सवाल उठाया कि जब युवाओं से जुड़े इतने महत्वपूर्ण मुद्दे संसद के सामने रखे जा रहे थे, तो उन्हें सदन में उठाने की अनुमति क्यों नहीं दी गई। उन्होंने सरकार से इन सवालों पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
RNI News

Reportage News International (RNI) is India's growing news website which is an digital platform to news, ideas and content based article. Destination where you can catch latest happenings from all over the globe Enhancing the strength of journalism independent and unbiased.

Comments (0)

User