लाल किले पर पहली बार गूंजा ‘वंदे मातरम्’, 150 साल की विरासत का भव्य जश्न
नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से पहली बार ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन हुआ। इसके बाद राष्ट्रगान के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले पर 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व किया। सेना के बैंड ने ‘वंदे मातरम्’ की धुन बजाई और कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने राष्ट्रीय गीत का गायन किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने तिरंगा फहराया और राष्ट्रगान हुआ। भारतीय वायुसेना के दो एमआई-17 हेलीकॉप्टरों ने समारोह स्थल पर पुष्पवर्षा भी की।
वंदे मातरम् की रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने 7 नवंबर 1875 को की थी और इसका पहला प्रकाशन साहित्यिक पत्रिका ‘बंगदर्शन’ में हुआ था। बाद में इसे 1882 में प्रकाशित उपन्यास ‘आनंदमठ’ में शामिल किया गया। वर्ष 1950 में संविधान सभा ने इसे भारत के राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाया।
1905 में बंगाल विभाजन के विरोध के दौरान ‘वंदे मातरम्’ स्वतंत्रता आंदोलन का प्रमुख नारा बन गया। इसके बाद यह गीत देशभर में राष्ट्रवादी चेतना और स्वतंत्रता संघर्ष का प्रतीक बन गया।
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