संसद के मानसून सत्र का आखिरी दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ा, लोकसभा में नहीं हुआ कोई काम
संसद के मानसून सत्र का आखिरी दिन भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हंगामे के नाम रहा। लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज लोकसभा में पहुंचे। अमित शाह करीब 11 बजे सदन में पहुंचे, जबकि इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लोकसभा पहुंचे। विपक्षी सांसदों ने इस दौरान नारेबाजी की।
लोकसभा अध्यक्ष ने सदस्यों से राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के सम्मान में खड़े होने की अपील की। इसके बाद सदन में वंदे मातरम का गायन हुआ और कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। इस तरह आखिरी दिन लोकसभा में कोई विधायी कामकाज नहीं हो सका।
लोकसभा स्थगित होने के बाद भी विपक्षी सांसदों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। समाजवादी पार्टी के सांसदों ने राम मंदिर में कथित चंदा चोरी के मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधा। सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ सांसदों ने कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर जाने का फैसला किया है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि अब भगवान हनुमान ही भगवान राम के चंदे की सुरक्षा कर सकते हैं।
कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने सरकार पर सदन चलाने में असफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सदन तभी सुचारू रूप से चलता है, जब सत्ता पक्ष और विपक्ष बातचीत कर कोई रास्ता निकालें। हालांकि, उनका यह दावा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पूरे सत्र के दौरान सदन में उपस्थित नहीं रहे, सही नहीं है। दोनों नेता आज सदन में मौजूद थे।
राज्यसभा में भी विपक्षी सांसदों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर हंगामा किया। इस दौरान सरकार ने खान और खनिज संशोधन विधेयक को सदन से पारित करा लिया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हल्द्वानी में हुई एक घटना का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि वहां उनके जनसभा करने के बाद भाजपा नेताओं ने शुद्धिकरण के लिए हवन किया। खरगे ने इसे लोकतंत्र और देश के लिए ठीक नहीं बताया और कहा कि ऐसी घटनाओं से देश के बंटने का खतरा है।
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी।
मानसून सत्र में कितना हुआ काम?
संसद का पूरा मानसून सत्र कई मुद्दों को लेकर हंगामेदार रहा। जंतर-मंतर पर छात्रों पर पुलिस कार्रवाई, राम मंदिर में कथित चंदा चोरी, नीट पेपर लीक और अन्य मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने रहे।
राज्यसभा में पूरे सत्र के दौरान करीब 37 घंटे 49 मिनट कामकाज हो सका। इस दौरान 12 विधेयकों पर चर्चा हुई और उन्हें पारित किया गया। सत्र के आखिरी दिन भी खान और खनिज संशोधन विधेयक राज्यसभा से पारित कराया गया।
वहीं, लोकसभा में मानसून सत्र के दौरान 11 विधेयक पेश या पारित किए गए। इनमें सुप्रीम कोर्ट संशोधन विधेयक, 2026, सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026, जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक और केरल का नाम बदलने से संबंधित विधेयक शामिल हैं।
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