‘अवैध पैसा रोको, शिक्षा-इलाज के लिए वैध मदद नहीं’: FCRA बिल पर सुले ने सरकार से मांगा संतुलित रुख
एनसीपी (शरद पवार गुट) की कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले ने FCRA संशोधन विधेयक को लेकर केंद्र सरकार से अपील की है कि विदेशी चंदे के नाम पर अवैध गतिविधियों पर रोक जरूरी है, लेकिन शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के लिए मिलने वाली वैध विदेशी मदद को प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए।
सुले ने कहा कि विदेशी फंडिंग को हमेशा संदेह की नजर से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से विधेयक को जल्दबाजी में पारित करने के बजाय विस्तृत चर्चा कराने या इसे संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजने की मांग की थी।
उन्होंने महाराष्ट्र के आश्रम स्कूलों, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में काम करने वाली संस्थाओं को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। उनका कहना था कि बच्चों की शिक्षा और इलाज जैसे विषय राजनीति से ऊपर रखे जाने चाहिए।
FCRA कानून विदेशी योगदान को नियंत्रित करता है और इसका उद्देश्य विदेशी धन के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। सरकार का कहना है कि कानून राष्ट्रीय हित और सुरक्षा से जुड़े मामलों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है, जबकि विपक्ष इसके कुछ प्रावधानों को लेकर चिंता जता रहा है।
सुले ने सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि अवैध धन और गलत इस्तेमाल पर सख्ती होनी चाहिए, लेकिन उन संगठनों को परेशानी नहीं होनी चाहिए जो समाज सेवा, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में ईमानदारी से काम कर रहे हैं।
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