स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राजनाथ सिंह का सैनिकों को संदेश, रक्षा उत्पादन में भारत की उपलब्धियों को सराहा
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश के सैनिकों को संबोधित करते हुए रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और घरेलू उत्पादन की उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
राजनाथ सिंह ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का घरेलू रक्षा उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में जहां रक्षा उत्पादन करीब 46 हजार करोड़ रुपये था, वहीं अब यह बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने इसे पिछले एक दशक में रक्षा क्षेत्र में हुए बड़े बदलाव का प्रमाण बताया।
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत अब केवल अपनी सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने वाला देश नहीं है, बल्कि वैश्विक रक्षा विनिर्माण और रक्षा निर्यात के क्षेत्र में भी तेजी से उभर रहा है। उन्होंने बताया कि रक्षा उत्पादन में सार्वजनिक क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 76 प्रतिशत रही, जबकि निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़कर 24 प्रतिशत हो गई है।
उन्होंने सैन्य आधुनिकीकरण के तहत स्वदेशी युद्धपोत, तेजस लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर निर्माण, टैंक आधुनिकीकरण और मिसाइल व एयर डिफेंस तकनीक में हुई प्रगति का भी जिक्र किया। साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क और पुल जैसी रणनीतिक सुविधाओं के विस्तार को सरकार की प्राथमिकता बताया।
राजनाथ सिंह ने पूर्व सैनिकों के कल्याण और रक्षा क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को भी महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भूमिका देश की नारी शक्ति की क्षमता को दर्शाती है।
इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने ग्लासगो में 2026 राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय सेना के खिलाड़ियों से भी मुलाकात की। उन्होंने खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि देश को उनकी मेहनत और सफलता पर गर्व है। खासतौर पर महिला खिलाड़ियों के प्रदर्शन को उन्होंने नारी शक्ति की मिसाल बताया।
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