पश्चिम बंगाल में 114 OBC वर्गों के आरक्षण पर रोक बहाल, NEET छात्रों पर क्या पड़ेगा असर?
पश्चिम बंगाल में 114 अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) श्रेणियों को दिए गए आरक्षण पर लगी रोक एक बार फिर प्रभावी हो गई है। राज्य सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में लंबित विशेष अनुमति याचिका (SLP) वापस लेने के बाद उच्च न्यायालय का आदेश बहाल हो गया है। इसके चलते इन 114 श्रेणियों के तहत जारी OBC प्रमाण पत्र अब मान्य नहीं माने जाएंगे।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद 2025 में राज्य सरकार द्वारा 77 और 37 नई जातियों को मिलाकर कुल 114 वर्गों को OBC सूची में शामिल करने से जुड़ा है। उच्च न्यायालय ने इन अधिसूचनाओं को कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप नहीं मानते हुए उन पर रोक लगा दी थी। तत्कालीन राज्य सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जहां अंतरिम राहत मिली थी।
अब मौजूदा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से अपनी याचिका वापस ले ली है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम रोक स्वतः समाप्त हो गई और हाईकोर्ट का 17 जून, 2025 का आदेश फिर से लागू हो गया।
NEET छात्रों पर क्या असर होगा?
कलकत्ता हाईकोर्ट की खंडपीठ ने स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों ने NEET या अन्य राष्ट्रीय परीक्षाओं में केंद्रीय OBC सूची के आधार पर आरक्षण का दावा किया है, लेकिन उनका प्रमाण पत्र इन्हीं 114 श्रेणियों के तहत जारी हुआ है, उन्हें सामान्य श्रेणी का उम्मीदवार माना जाएगा।
अदालत ने यह भी कहा कि 8 मई, 2025 से 12 जून, 2025 के बीच जारी किए गए OBC प्रमाण पत्र अमान्य होंगे। याचिकाकर्ता का 13 अप्रैल, 2026 को जारी OBC-A प्रमाण पत्र भी इसी आधार पर रद्द कर दिया गया।
अदालत ने राज्य सरकार और संबंधित प्राधिकरणों को सलाह दी है कि वे 2010 से पहले से मान्य OBC वर्गों के छात्रों के हितों की रक्षा के लिए उचित कदम उठाएं, ताकि राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय परीक्षाओं में उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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