सुप्रीम कोर्ट में अभद्रता पर SCBA सख्त, न्यायपालिका की गरिमा की रक्षा के लिए सरकार से गाइडलाइन की मांग
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक वादी के कथित अभद्र व्यवहार के बाद सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। एसोसिएशन ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि न्यायपालिका की गरिमा और न्यायिक प्रक्रिया से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। साथ ही केंद्र सरकार से अदालत की कार्यवाही की रिकॉर्डिंग और उसके सोशल मीडिया पर प्रसार को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश बनाने की मांग की है।
एससीबीए ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन और न्यायमूर्ति आलोक आराधे की पीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान एक पक्षकार का कथित व्यवहार पूरी तरह अस्वीकार्य था। एसोसिएशन के अनुसार, अदालत में गाली-गलौज, धमकी या किसी भी प्रकार का व्यवधान न्यायिक प्रक्रिया और कानून के शासन पर सीधा हमला है।
बार एसोसिएशन ने कहा कि अदालत की गरिमा और अनुशासन लोकतांत्रिक न्याय व्यवस्था की आधारशिला हैं। ऐसे मामलों में कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि न्यायिक संस्थानों की मर्यादा बनी रहे।
घटना के बाद एससीबीए ने अदालत की कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग, एडिटिंग और सोशल मीडिया पर प्रसार को लेकर विस्तृत गाइडलाइन बनाने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि कई बार कोर्ट की रिकॉर्डिंग या उसके संपादित अंश संदर्भ से हटाकर वायरल किए जाते हैं, जिससे तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जाता है और न्यायपालिका की छवि प्रभावित होती है।
एससीबीए ने यह भी कहा कि कोर्टरूम की रिकॉर्डिंग के दुरुपयोग को रोकने और न्यायिक संस्थानों की गरिमा बनाए रखने के लिए स्पष्ट नियम बनाए जाने चाहिए। साथ ही सोशल मीडिया पर न्यायपालिका की छवि धूमिल करने वाली भ्रामक या संदर्भहीन वीडियो क्लिप्स के खिलाफ केंद्र सरकार से प्रभावी कार्रवाई की भी मांग की है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)