वैश्विक युद्धों के संदर्भ में भारत की रणनीति और आत्मनिर्भरता पर उठे सवाल

Friday, March 6, 2026 - 12:27
0
वैश्विक युद्धों के संदर्भ में भारत की रणनीति और आत्मनिर्भरता पर उठे सवाल

नई दिल्ली (आरएनआई) । अंतरराष्ट्रीय संघर्षों और युद्ध की बदलती प्रकृति के बीच भारत की रणनीतिक क्षमता, आर्थिक निर्भरता और आत्मनिर्भरता को लेकर बहस तेज होती जा रही है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि आधुनिक दौर में केवल सैन्य ताकत या बमबारी से युद्ध नहीं जीते जा सकते, बल्कि किसी देश की दीर्घकालिक राजनीतिक इच्छाशक्ति, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहनशीलता भी निर्णायक भूमिका निभाती है।

इतिहास के उदाहरणों का हवाला देते हुए कई विशेषज्ञ बताते हैं कि महाशक्तियों को भी लंबे संघर्षों में अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई। पूर्व Soviet Union ने Afghanistan में भारी सैन्य कार्रवाई के बावजूद अंततः युद्ध में बढ़त नहीं बना पाई। इसी तरह United States को Vietnam युद्ध के बाद पीछे हटना पड़ा और बाद में अफगानिस्तान में दो दशक की सैन्य मौजूदगी के बावजूद वहां स्थायी नियंत्रण कायम नहीं हो सका। इन उदाहरणों को आधार बनाकर यह तर्क दिया जाता है कि किसी भी संघर्ष में केवल सैन्य कार्रवाई से परिणाम तय नहीं होते, बल्कि राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक कारक भी उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं।

कुछ विश्लेषक वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में Iran की रणनीति का भी उल्लेख करते हैं, जहां लगातार दबाव और सैन्य खतरे के बावजूद वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी स्थिति बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। उनके अनुसार, लंबे संघर्षों में धैर्य, संसाधनों का प्रबंधन और राष्ट्रीय संकल्प निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

इसी संदर्भ में भारत की आर्थिक और रणनीतिक नीतियों पर भी चर्चा हो रही है। आलोचकों का कहना है कि तेजी से बढ़ती उपभोक्तावादी अर्थव्यवस्था और वैश्विक बाजारों पर निर्भरता के कारण देश कई क्षेत्रों में बाहरी संसाधनों पर अधिक निर्भर होता जा रहा है। ऊर्जा के क्षेत्र में आयातित तेल और गैस पर निर्भरता को भी इसी बहस का हिस्सा माना जा रहा है।

कुछ राजनीतिक टिप्पणीकारों का यह भी तर्क है कि वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में बड़े कॉर्पोरेट समूहों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों की भूमिका बढ़ने से राष्ट्रीय आर्थिक नीतियों पर बाहरी प्रभाव भी बढ़ सकता है। हालांकि दूसरी ओर सरकार और उसके समर्थक यह कहते हैं कि वैश्विक निवेश, आधुनिक बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास से भारत की अंतरराष्ट्रीय स्थिति मजबूत हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आज के दौर में किसी भी देश के लिए सैन्य शक्ति के साथ-साथ आर्थिक मजबूती, तकनीकी विकास और आत्मनिर्भरता बेहद जरूरी है। उनके अनुसार भारत जैसे बड़े और विविधतापूर्ण देश के लिए संतुलित विकास, मजबूत संस्थान और दीर्घकालिक रणनीतिक योजना ही भविष्य की स्थिरता और वैश्विक प्रभाव को सुनिश्चित कर सकती है।

Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
RNI News

Reportage News International (RNI) is India's growing news website which is an digital platform to news, ideas and content based article. Destination where you can catch latest happenings from all over the globe Enhancing the strength of journalism independent and unbiased.

Comments (0)

User