मां के लिए ITBP जवान की लड़ाई रंग लाई: 36 घंटे में बदली CMO रिपोर्ट, अस्पतालों पर एफआईआर के आदेश
Kanpur में इलाज में कथित लापरवाही से महिला का हाथ काटे जाने के मामले में आखिरकार Indo-Tibetan Border Police के जवान विकास सिंह को 9 दिन बाद न्याय की उम्मीद मिली है। मामले में पहले आई जांच रिपोर्ट पर सवाल उठने के बाद महज 36 घंटे के भीतर सीएमओ की रिपोर्ट बदल गई और अब दोनों अस्पतालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दे दिए गए हैं।
यह मामला उस समय चर्चा में आया जब आईटीबीपी जवान विकास सिंह अपनी मां का कटा हुआ हाथ थर्माकोल के आइस-बॉक्स में लेकर न्याय की मांग करते हुए अधिकारियों के चक्कर लगाते नजर आए। आरोप है कि इलाज के दौरान लापरवाही के कारण उनकी मां का हाथ काटना पड़ा। इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था और निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
बताया जा रहा है कि शुरुआत में आई पहली जांच रिपोर्ट में डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन को राहत देने की कोशिश दिखाई दी थी, जिस पर पीड़ित परिवार और लोगों ने सवाल उठाए। लेकिन मामले ने तूल पकड़ा और आईटीबीपी जवान के समर्थन में उनके साथी जवान तथा कमांडेंट भी पुलिस कार्यालय पहुंचे। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
नई जांच रिपोर्ट आने के बाद पुलिस आयुक्त ने Krishna Hospital और Paras Hospital प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए हैं।
मामले में अब दोनों अस्पतालों की भूमिका और इलाज के दौरान हुई कथित लापरवाही की विस्तृत जांच की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर चिकित्सा लापरवाही और जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर बहस तेज कर दी है।
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