सरकारी स्कूलों को बचाने सडक़ पर उतरे लोग, बमौरी में जोरदार प्रदर्शन, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
गुना (आरएनआई)मध्य प्रदेश में सरकारी स्कूलों को बंद करने और उन्हें सीएम राइज स्कूलों में मर्ज करने की नीति के खिलाफ स्कूल बचाओ संघर्ष समिति ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को बमौरी के लक्ष्मीबाई चौराहे पर तहसील के दर्जनों गांवों से आए शिक्षकों, अभिभावकों और आमजनों ने एकत्रित होकर सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
बमौरी के 15 स्कूलों को बंद करने की तैयारी
आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार द्वारा बमौरी तहसील के 15 प्रमुख स्कूलों (बमौरी मॉडल स्कूल, बागैरी, मसूरिया, खड़ेला, खैरोदा, नोनेरा आदि) को मर्ज करने के नाम पर बंद करने का नोटिस जारी किया गया है। समिति ने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में प्रदेश के 32,000 से अधिक स्कूल बंद हो चुके हैं। यदि यह प्रक्रिया नहीं रुकी, तो मजदूर और किसान वर्ग के बच्चे शिक्षा से पूरी तरह वंचित हो जाएंगे।
बदहाल व्यवस्था और खाली पदों पर उठाए सवाल
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने एएसईआर की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि प्रदेश के 1,895 स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं है, जबकि 1 लाख से अधिक पद खाली पड़े हैं। स्कूलों में शौचालय और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। संघर्ष समिति ने मांग की है कि स्कूलों को बंद करने के बजाय उनकी मरम्मत कराई जाए और रिक्त पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति हो।
प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले के आदर्शों का उल्लेख करते हुए समिति ने कहा कि शिक्षा को व्यापार की वस्तु नहीं बनाया जाना चाहिए। प्रशासन को चेतावनी दी गई है कि यदि स्कूलों को बंद करने की नीति वापस नहीं ली गई और व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की गईं, तो समिति पूरे राज्य में उग्र आंदोलन करेगी।
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