युद्धविराम के 11 दिन बाद फिर भड़का तनाव: ईरान-अमेरिका में हमले तेज, तेहरान की चेतावनी—उल्लंघन का मिलेगा करारा जवाब
पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव गहरा गया है। अमेरिका और ईरान के बीच हुआ युद्धविराम महज 11 दिन बाद टूटता नजर आ रहा है। अमेरिकी हवाई हमलों के जवाब में ईरान ने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। साथ ही तेहरान ने चेतावनी दी है कि यदि युद्धविराम का फिर उल्लंघन हुआ तो उसका करारा जवाब दिया जाएगा।
ईरान की सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के समन्वय केंद्र खातम अल-अनबिया मुख्यालय के प्रवक्ता इब्राहिम अल-फिकर ने कहा कि ईरान अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी नए हमले या युद्धविराम उल्लंघन का सख्त जवाब दिया जाएगा।
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्रों के साथ तटीय रडार ठिकानों को निशाना बनाया है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान ने दोबारा युद्धविराम समझौते का उल्लंघन किया, जिसके जवाब में यह कार्रवाई की गई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हालात नहीं सुधरे तो अमेरिका व्यापक सैन्य अभियान चलाने से भी पीछे नहीं हटेगा।
अमेरिकी सेना की केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे सिंगापुर के मालवाहक जहाज **एमवी एवर लवली** पर हुए ड्रोन हमले के बाद दक्षिणी ईरान के सिरिक क्षेत्र और केशम द्वीप स्थित मिसाइल, ड्रोन ठिकानों तथा तटीय रडार साइटों पर हवाई हमले किए गए।
इसके जवाब में ईरान ने बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों को निशाना बनाते हुए ड्रोन हमले किए। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगाया है। बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही एक बार फिर प्रभावित हो गई है।
ईरान ने नई व्यवस्था लागू करते हुए कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी जहाजों को 48 घंटे पहले अनुमति के लिए आवेदन करना होगा। नियमों का पालन नहीं करने वाले जहाजों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। ऐसे में वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर संकट गहराने की आशंका बढ़ गई है।
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