ईरान की सत्ता में बड़ा फेरबदल, पूर्व IRGC प्रमुख मोहसेन रजाई को मिली अहम सुरक्षा जिम्मेदारी; युद्ध के बीच क्यों बदली रणनीति?
ईरान ने अपने शीर्ष सुरक्षा तंत्र में बड़ा बदलाव करते हुए पूर्व इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) प्रमुख मोहसेन रजाई को सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल में सर्वोच्च नेता का प्रतिनिधि नियुक्त किया है। यह फैसला ऐसे समय में हुआ है, जब ईरान अमेरिका और इस्राइल के साथ जारी संघर्ष, सैन्य दबाव और गंभीर आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। रजाई की नियुक्ति को ईरान की सुरक्षा और रणनीतिक नीति में सैन्य अनुभव को अधिक महत्व देने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने मोहसेन रजाई को यह जिम्मेदारी सौंपते हुए उन्हें मोहम्मद बाकिर जुलघद्र की जगह नियुक्त किया है। रजाई लंबे समय तक ईरान के सबसे प्रभावशाली सैन्य संगठनों में से एक आईआरजीसी का नेतृत्व कर चुके हैं। उनके पास सैन्य अभियानों के साथ-साथ देश के राजनीतिक और सुरक्षा तंत्र में काम करने का लंबा अनुभव है।
मोहसेन रजाई ने 1980 के दशक में हुए ईरान-इराक युद्ध के दौरान सैन्य कमांडर के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ईरान में इस युद्ध को ‘पवित्र रक्षा’ के नाम से जाना जाता है। सैन्य क्षेत्र के अलावा रजाई राजनीतिक व्यवस्था में भी सक्रिय रहे हैं। वह फिलहाल एक्सपीडिएंसी डिसर्नमेंट काउंसिल के सदस्य हैं, जो संसद और गार्जियन काउंसिल के बीच मतभेदों को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
रजाई की नई नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब ईरान के सामने सुरक्षा संबंधी चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। अमेरिका और इस्राइल के साथ संघर्ष के बीच तेहरान को सैन्य दबाव के साथ-साथ आर्थिक संकट का भी सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सुरक्षा परिषद में एक अनुभवी सैन्य कमांडर को सर्वोच्च नेता का प्रतिनिधि बनाए जाने से संकेत मिलता है कि ईरान अपने शीर्ष सुरक्षा तंत्र में सैन्य रणनीति और सुरक्षा अनुभव को अधिक प्राथमिकता देना चाहता है।
वहीं, रजाई से पहले इस पद पर रहे मोहम्मद बाकिर जुलघद्र को व्यवस्था से बाहर नहीं किया गया है। मोजतबा खामेनेई ने उन्हें राजनीतिक सलाहकार की जिम्मेदारी सौंपी है। नियुक्ति आदेश में उनके अनुभव और पिछले कार्यों की सराहना की गई है। इसका मतलब है कि शीर्ष नेतृत्व में जिम्मेदारियों का पुनर्गठन किया गया है, जिसमें सुरक्षा मामलों के लिए रजाई और राजनीतिक सलाह के लिए जुलघद्र को अलग-अलग भूमिकाएं दी गई हैं।
इस बदलाव को ईरान के शीर्ष नेतृत्व की ओर से सुरक्षा और राजनीतिक तंत्र को नए सिरे से व्यवस्थित करने के कदम के तौर पर देखा जा रहा है। खासकर मौजूदा सैन्य तनाव के बीच रजाई जैसे अनुभवी सैन्य अधिकारी को सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल में प्रमुख भूमिका देना ईरान की आने वाली सुरक्षा रणनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)