मुख्यमंत्री के हाथरस दौरे पर दो दिन हाउस अरेस्ट रहे कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य, विरोध के बाद पुलिस ने लिया जनहित का ज्ञापन
हाथरस (आरएनआई)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के हाथरस आगमन के दौरान कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं कासगंज जिला कांग्रेस के समन्वयक चंद्रगुप्त विक्रमादित्य को पुलिस द्वारा दो दिनों तक उनके आवास पर हाउस अरेस्ट कर रखा गया। कांग्रेस नेता का आरोप है कि उन्हें मुख्यमंत्री तक जनहित के मुद्दों को पहुंचाने से रोकने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई।
चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने बताया कि मुख्यमंत्री के दौरे से एक दिन पूर्व वह पूरे दिन सिकंद्राराऊ में अधिवक्ताओं द्वारा काले कानून के विरोध में चल रहे धरना-प्रदर्शन में कांग्रेसजनों के साथ शामिल रहे। इसके उपरांत राष्ट्रीय सचिव एवं ब्रज प्रांत प्रभारी तौकीर आलम की उपस्थिति में कासगंज में आयोजित संगठन समीक्षा बैठक में जिला समन्वयक के रूप में भाग लिया। देर रात हाथरस लौटने पर पुलिस ने उन्हें आवास पर ही हाउस अरेस्ट कर दिया और मुख्यमंत्री के कार्यक्रम तक बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य किसी प्रकार का विरोध या व्यवधान उत्पन्न करना नहीं था, बल्कि मुख्यमंत्री को छात्रों, अधिवक्ताओं, किसानों, युवाओं एवं हाथरस की ज्वलंत समस्याओं से संबंधित एक शांतिपूर्ण ज्ञापन सौंपना था। उनका कहना था कि लोकतंत्र में जनता की समस्याओं को मुख्यमंत्री तक पहुंचाना प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल का संवैधानिक अधिकार है।

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान जब चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने हाउस अरेस्ट का विरोध किया तो पुलिस क्षेत्राधिकारी मौके पर पहुंचे। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि "यदि लोकतांत्रिक तरीके से जनता की समस्याओं का ज्ञापन मुख्यमंत्री तक पहुंचाना भी अपराध माना जाएगा, तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर प्रश्न है। आखिर जनता की आवाज़ मुख्यमंत्री तक पहुंचाना किस बात का जुर्म है?"
पुलिस क्षेत्राधिकारी द्वारा यह आश्वासन दिए जाने के बाद कि ज्ञापन मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा, कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की ओर से ज्ञापन सौंप दिया गया।
ज्ञापन में छात्रों के हित में प्रतियोगी परीक्षाओं को पूर्णतः पेपर लीक मुक्त बनाने, पारदर्शी एवं निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था लागू करने, समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने तथा राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी तय करने की मांग की गई। साथ ही अधिवक्ताओं की लंबित मांगों के समाधान, किसानों की समस्याओं के निराकरण, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा हाथरस के समग्र विकास पर भी बल दिया गया।
कांग्रेस नेता ने कहा कि हाथरस जिला बने वर्षों बीत जाने के बाद भी आज तक चिकित्सा और उच्च शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं से पूरी तरह वंचित है। जिले में न राजकीय मेडिकल कॉलेज है और न ही उच्च स्तरीय शैक्षणिक संस्थानों का पर्याप्त विकास हो सका है। गंभीर मरीजों को उपचार के लिए अन्य जनपदों का रुख करना पड़ता है, जबकि उच्च शिक्षा के लिए भी विद्यार्थियों को बाहर जाना पड़ता है। उन्होंने हाथरस में राजकीय मेडिकल कॉलेज, आधुनिक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल तथा उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना एवं शैक्षणिक ढांचे को सुदृढ़ करने की मांग की।
ज्ञापन में जिले की जर्जर सड़कों, पेयजल, बिजली, सफाई, सीवर व्यवस्था, किसानों की समस्याओं तथा युवाओं के रोजगार जैसे मुद्दों पर भी मुख्यमंत्री से शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई।
चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने कहा कि कांग्रेस हमेशा गांधीवादी और लोकतांत्रिक तरीके से जनता की आवाज़ उठाती रही है और आगे भी उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि जनहित के मुद्दों को उठाने वालों को हाउस अरेस्ट करना लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। जनता की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता और कांग्रेस जनहित के संघर्ष को शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से आगे भी जारी रखेगी।
इस अवसर पर महिला जिलाध्यक्ष कृष्णा गुप्ता, प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सदस्य वीना गुप्ता एडवोकेट, शहर उपाध्यक्ष विनोद शर्मा, शशि गुरु, देवेंद्र शर्मा, पूर्व जिला सचिव हरिशंकर वर्मा, पिछड़ा वर्ग विभाग के जिलाध्यक्ष विष्णु कुमार, राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के शहर अध्यक्ष अजय चौधरी, अल्पसंख्यक विभाग के शहर अध्यक्ष मोहम्मद तौसीफ, वरिष्ठ कांग्रेसी जीवन लाल शर्मा, कपिल नरूला, संतोष उपाध्याय, पीयूष अग्निहोत्री, राजेंद्र कुमार, गोलू वाल्मीकि सहित अनेक कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
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