बड़वानी में लोकायुक्त का छापा: 15 हजार की रिश्वत लेते SI और आरक्षक गिरफ्तार, केस खत्म करने के नाम पर मांगी थी रकम
बड़वानी/अंजड़ (आरएनआई) मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। जिले के अंजड़ थाने में पदस्थ उपनिरीक्षक (SI) महावीर सिंह चंदेल और आरक्षक पवन प्रजापति को एक ज्वेलरी व्यापारी से रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया गया है। पुलिस के इन अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने पुराने मामलों को रफा-दफा करने और भविष्य में परेशान न करने के बदले मोटी रकम की मांग की थी।
पूरी घटना की शुरुआत अंजड़ के सराफा बाजार में डायमंड ज्वेलर्स चलाने वाले जयराज चौधरी की शिकायत से हुई। आवेदक जयराज के अनुसार, करीब एक वर्ष पूर्व हुए भारत बर्फा आत्महत्या मामले में उपनिरीक्षक महावीर चंदेल ने उनसे पूछताछ की थी। इसी साल 24 जनवरी को आरोपी SI और आरक्षक ने न्यायालय के पास आवेदक को रोका और डराते हुए कहा कि अब तक उन्हें इस केस में परेशान नहीं किया गया है, लेकिन यदि वे मामला पूरी तरह खत्म करवाना चाहते हैं तो उन्हें 'खर्चा-पानी' के तौर पर 50,000 रुपये देने होंगे। आरोपियों ने धमकी भी दी कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो उन्हें केस में उल्टा फंसा दिया जाएगा।
परेशान होकर पीड़ित ने इसकी लिखित शिकायत लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक इंदौर, राजेश सहाय से की। लोकायुक्त टीम द्वारा किए गए गोपनीय सत्यापन में शिकायत पूरी तरह सही पाई गई। योजनाबद्ध तरीके से जब आवेदक ने आरक्षक पवन प्रजापति से संपर्क किया, तो आरक्षक ने मौके पर ही 15,000 रुपये स्वीकार कर लिए और शेष राशि बाद में देने का सौदा तय हुआ। इसी दौरान लोकायुक्त की टीम ने दबिश देकर आरोपियों को शिकंजे में ले लिया।
इस सनसनीखेज मामले में लोकायुक्त ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 61(2) के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर ली है। फिलहाल मामले की विस्तृत विवेचना जारी है। पुलिस महकमे के ही अधिकारियों की इस करतूत ने विभाग की छवि पर सवालिया निशान लगा दिए हैं, वहीं लोकायुक्त की इस मुस्तैदी की आम जनता में काफी प्रशंसा हो रही है।
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